दुबई, रायटर। ईरान ने कहा है कि अगर उसका मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जाता है तो वह परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर आ जाएगा। प्रमुख यूरोपीय देशों ने 2015 के परमाणु समझौते से बाहर आकर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश तेज करने पर ईरान को पूर्व की भांति संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू होने की चेतावनी दी है। प्रतिबंधों पर चर्चा सुरक्षा परिषद में होगी और ईरान को चेतावनी वाले देशों में शामिल फ्रांस और ब्रिटेन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं।

एनपीटी 1968 में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए बनी थी

1968 में प्रभाव में आई एनपीटी परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए बनी थी। ईरान भी उस पर दस्तखत कर चुका है। उसके परमाणु हथियार बनाने के प्रयासों को देखते हुए उस पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे, लेकिन उसके बाद चली लंबी वार्ता के बाद 2015 में दुनिया के शक्तिशाली देशों ने ईरान के साथ परमाणु समझौता किया।

हालात बदले और 2019 में ईरान ने परमाणु समझौता तोड़ दिया

इस समझौते के तहत ईरान को शांतिपूर्ण कार्यो के लिए यूरेनियम का शोधन करना था, बदले में उस पर से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध हट गए थे। लेकिन 2018 में अमेरिका के समझौते से हटने और प्रतिबंध लगाने के बाद हालात बदलने लगे और 2019 में ईरान ने परमाणु समझौता तोड़ने की घोषणा कर दी।

ईरान जब नहीं माना तब ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने फिर से प्रतिबंध लागू होने की चेतावनी दी

इसके बाद समझौता बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान को समझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं माना तो समझौते में शामिल इन तीनों देशों ने ईरान पर फिर से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध लागू होने की चेतावनी दे दी। प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद विचार करेगी। चूंकि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों का अमेरिका पहले से ही इच्छुक है, अगर उसे स्थायी सदस्य फ्रांस और ब्रिटेन का भी साथ मिला तो ईरान पर फिर से वैश्विक प्रतिबंध के आसार बढ़ जाएंगे।

ईरान ने एनपीटी से हटने की दी चेतावनी

वैश्विक प्रतिबंधों के बढ़ते खतरे को भांपते हुए ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने एनपीटी से हटने की चेतावनी दी है।

Posted By: Bhupendra Singh

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