नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। सऊदी अरब मूल के अमेरिकी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्‍या को लेकर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में नया खुलासा किया गया है। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि खशोगी की हत्‍या से करीब साल भर पहले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान ने खशोगी को गोली मारकर खत्‍म करने का आदेश दिया था। न्‍यूयार्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक यह आदेश 2017 में दिए गए थे। क्राउन प्रिंस का कहना था कि यदि खशोगी आराम से सऊदी अरब वापस नहीं आते हैं तो उन्‍हें जबरदस्‍ती वापस लाया जाए। क्राउन प्रिंस का आदेश था कि यदि वे वापस आकर सरकार से अपने विवादों को खत्‍म नहीं करते हैं तो उन्‍हें वहीं गोली मार दी जाए। इस बातचीत को अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने इंटरसेप्‍ट किया है। गौरतलब है कि प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने 2018 के पर्सन ऑफ द ईयर के लिए जिन चार पत्रकारों को चुना था उनमें से एक खशोगी भी थे। 

इस रिपोर्ट में एक दूसरी खास चीज ये भी निकल कर आई है कि सितंबर 2017 में क्राउन प्रिंस ने विशेष सहयोगी तुर्खी एलदाखिल से मुलाकात की थी। यह वही समय था जब खशोगी ने वाशिंगटन पोस्‍ट में अपना कॉलम शुरू किया था। अमेरिकी एनएसए ने इस खुफिया रिपोर्ट को दूसरी एजेंसियों से भी शेयर किया है। इसके अलावा इस बारे में अमेरिका के विदेशी सहयोगियों से भी क्राउन प्रिंस को लेकर जानकारी जुटाई गई है।

यह रिपोर्ट इस लिहाज से भी खास है क्‍योंकि खशोगी की हत्‍या को लेकर पहले भी सऊदी क्राउन प्रिंस पर अंगुली उठ चुकी है। आपको बता दें कि पिछले वर्ष अक्‍टूबर में खशोगी की हत्‍या उस वक्‍त कर दी गई थी जब वह तुर्की स्थित सऊदी अरब के काउंसलेट में कुछ जरूरी दस्‍तावेज जमा कराने गए थे। इसके बाद उनके शव के टुकड़े कर उन्‍हें नष्‍ट कर दिया गया था। इसको लेकर पूरी दुनिया में सऊदी अरब सरकार की काफी आलोचना हुई थी।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इस हत्‍या के लिए सऊदी अरब की कड़ी आलोचना की थी और हत्‍यारों को कठोर सजा देने को कहा था। हालांकि कड़ी आलोचना के बाद सऊदी अरब ने इस मामले में क्राउन प्रिंस का हाथ होने से साफ इन्‍कार किया था। आपको बता दें कि बीते कुछ वर्षों में सऊदी अरब और अमेरिका के बीच संबंध काफी बेहतर हुए हैं। क्राउन प्रिंस के पिता किंग सलमान के भी ट्रंप के दामाद और सीनियर एडवाइजर जे कुशनर से काफी बेहतर संबंध हैं।

आपको यहां पर बता दें कि खशोगी की हत्‍या के बाद तुर्की के एक टीवी चैनल ने सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या से संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज जारी किया था। इस वीडियो में तीन लोग इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूत के घर में पांच सूटकेस और दो बड़े काले बैग ले जाते दिख रहे हैं। मीडिया रिपोर्टो में दावा किया गया था कि हत्या के बाद शव के टुकड़ों को एसिड में गला दिया गया था। 

 इसमें हाल ही में तुर्की स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में मार दिए गए वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार जमाल खशोगी का भी नाम शामिल है। बता दें कि खशोगी का नाम उस समय चर्चा में आया जब तुर्की स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में अपने दस्तावेज संबंधी काम के लिए जाने के बाद वह गायब हो गए थे। सऊदी ने उनके लापता होने के पीछे अपना हाथ होने से इन्कार किया था। लेकिन बाद में बताया गया कि उनकी मौत हो चुकी है। उनकी मौत से पश्चिमी देशों और सऊदी अरब के बीच संबंधों में खटास पैदा हो गई है। खशोगी के संबंध में टाइम मैगजीन ने यहां तक कहा कि सऊदी पत्रकार ने अपने देश की सरकार से असहमत होने की हिम्मत की। उन्होंने विश्व को उस सच्चाई के बारे में बताया, जो सच बोलने वालों के खिलाफ वहां अपनाया जाता था। इसके लिए उनकी हत्या कर दी गई। 

Posted By: Kamal Verma

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