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कहीं मिसाइलों की बौछार तो कहीं ड्रोन से हमले, मिडिल ईस्ट में अब तक क्या-क्या हुआ?

Published: Sun, 08 Mar 2026 12:21 PM (IST)Updated: Sun, 08 Mar 2026 01:23 PM (IST)

28 फरवरी से मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। नौ ...और पढ़ें

HighLights

  1. ईरान ने खाड़ी देशों में मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की

  2. दुबई पर ईरानी ड्रोन हमले में पाकिस्तानी नागरिक की मौत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में हमले किए। इस दौरान सुप्रीम लीडर खामनेई की मौत हो गई। जिसके बाद बदले के मूड में आए ईरान ने एक साथ कई खाड़ी देशों में मिसाइलें दागनी शुरू कर दी।

आलम यह हुआ कि यह तनाव कम होने की बजाय लगातार बढ़ता ही गया। आज मिडिल ईस्ट में जारी जंग का नौंवा दिन है। एक सप्ताह से अधिक समय होने के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे जंग का दायरा काफी बढ़ गया है। आइए जानते हैं 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अब तक क्या-क्या हुआ है।

सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान में हुए हमलों में कम से कम 1,230 लोग मारे गए हैं। कुवैत में हुए ईरानी हमले में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों सहित पूरे क्षेत्र में हताहतों की संख्या बढ़ रही है।

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वहीं, अगर बात करें तनाव कम करने की तो इसकी उम्मीद इससे भी कम है, क्योंकि ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान को बिना किसी शर्त आत्मसमर्पण के बिना कोई समझौता नहीं होगा।

28 फरवरी को शुरू हुआ जंग

28 फरवरी को सुबह-सुबह इमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तेहरान के मध्य में स्थित उनके परिसर में मौत हो गई। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य और अन्य प्रभावशाली ईरानी अधिकारी भी मारे गए। ट्रंप ने इस हमले को तेहरान की सरकार को उखाड़ फेंकने के उद्देश्य से किया गया बताया।

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इसके बाद ईरान तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए इस क्षेत्र के कई देशों पर हमले किए, जिनमें इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी सैन्य अड्डों की मेजबानी करने वाले कई अमेरिकी सहयोगी देश शामिल थे।

1 मार्च, रविवार

1 मार्च को ईरान ने कुवैत के एक नागरिक बंदरगाह पर बने अस्थायी ऑपरेशन सेंटर पर हमले किए। इसमें छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि संघर्ष जारी रहने के कारण और अधिक अमेरिकी हताहतों की आशंका है।

इसके अलावा इसी दिन ईरान ओमान के दुक्म वाणिज्यिक बंदरगाह को दो ड्रोन हमलों से निशाना बनाया, और मसंदम तट से लगभग पांच समुद्री मील दूर एक तेल टैंकर पर हमला किया।

2 मार्च, सोमवार

2 मार्च, सोमवार को ईरान और उसके सहयोगी खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों पर हमले जारी रखे हुए हैं। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर संदिग्ध ईरानी ड्रोन से हमला किया गया है। सोमवार को कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर भी हमले हुए।

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3 मार्च, मंगलवार

3 मार्च को संदिग्ध ईरानी ड्रोन से दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ। इसके बाद अमेरिका ने तीन देशों में अपने दूतावास बंद कर दिए और अमेरिकियों को चेतावनी दी कि वे क्षेत्र छोड़ दें। विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार, 1,500 से अधिक अमेरिकी विदेश विभाग से क्षेत्र छोड़ने के लिए सहायता मांग रहे हैं।

वहीं, इसी दिन इजरायली सेना ने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चुनाव के लिए जिम्मेदार समूह के परिसर पर हमला किया है। ईरानी सरकारी मीडिया का कहना है कि हमले से पहले इमारत को खाली करा लिया गया था।

4 मार्च, बुधवार

04 मार्च को अमेरिका द्वारा प्रायोजित चार्टर उड़ान से मिडिल ईस्ट में पहली बार उड़ान भरी गई। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका ईरानी क्षेत्र में लगातार और गहराई तक हमले शुरू करेगा, और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी बहुत शुरुआती चरण में हैं।

हेगसेथ के इस बयान के बाद संघर्ष और बढ़ गया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। श्रीलंका ने आईआरआईएस डेना नामक युद्धपोत से 32 लोगों को बचाया, जिसे अमेरिका ने एक टॉरपीडो से नष्ट कर दिया था, जिसमें 80 से अधिक लोग मारे गए थे।

5 मार्च, गुरुवार

5 मार्च को इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच यूरोपीय देश भी शामिल होने लगे। यूरोपीय देश सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए सैन्य सहायता भेज रहे हैं। अजरबैजान के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमलों में ईरान-अजरबैजान सीमा के पास एक हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन को नुकसान पहुंचा है और दो लोग घायल हो गए हैं।

संघर्ष की शुरुआत के बाद से देश पर यह पहला हमला है। हालांकि, ईरान के सशस्त्र बलों ने अजरबैजान पर ड्रोन हमले करने से इनकार किया है और उनका मानना है कि यह घटना इजरायल द्वारा किया गया एक झूठा हमला हो सकता है।

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6 मार्च, शुक्रवार

इजराइल ने तेहरान में शासन के प्रमुख बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले शुरू किए। तेहरान की एक व्यस्त शॉपिंग स्ट्रीट पर हमला हुआ है। वहीं, इजराइल द्वारा लेबनानी राजधानी के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद बेरूत में भी नए हमले हुए।

शुक्रवार को सीएनएन को दिए एक संक्षिप्त फोन साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, "ईरान अब वह देश नहीं रहा जो एक सप्ताह पहले था। एक सप्ताह पहले वे शक्तिशाली थे, और अब वे पूरी तरह से नपुंसक हो चुके हैं।"

7 मार्च, शनिवार

इजरायल ने ईरान के तेहरान इस्फहान शहरों को निशाना बनाया, ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि इजरायल ने एयरपोर्ट पर हमला किया था। एयरपोर्ट को कितना नुकसान हुआ है अभी यह साफ नहीं है। एयरपोर्ट के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 2 बजे एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज को निशाना बनाकर भारी बमबारी की गई।

दुबई पर ईरानी ड्रोन से हमला

ताजा घटनाक्रम में दुबई पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया है, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है। इस हमले ने संयुक्त अरब अमीरात जैसे शांत क्षेत्रों में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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