300 अरब डॉलर, होर्मुज और परमाणु भंडार... अमेरिका से समझौते पर ईरान को क्या-क्या मिलेगा?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक अंतरिम समझौता हुआ है, जिसके तहत ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोलेगा और उसे तेल बेचने की अनुमति मिलेगी।

HighLights
ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोलेगा, बेरोकटोक तेल बेच सकेगा।
ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर मिलेंगे।
अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने की दिशा में काम करेगा।
डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाले अंतरिम समझौते का विवरण सामने आ गया है। इस 14 सूत्रीय समझौते के तहत ईरान तत्काल होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कदम उठाएगा। इसके बदले उसे बेरोकटोक तेल बेचने की अनुमति मिलेगी। वह परमाणुहथियार हासिल नहीं कर सकेगा।
इस समझौते को 'संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' नाम दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बुधवार को समझौता मसौदे के बारे में जानकारी दी है।
ईरान को मिलेंगे 300 अरब डॉलर
समझौते में कहा गया है कि युद्ध के बाद ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर मिलेंगे। अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतिम समझौता होने के बाद तेहरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में काम करेगा।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। यह लड़ाई तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शुरू की गई थी और सात अप्रैल को युद्धविराम हुआ था।
नेतन्याहू को बड़ा झटका
अमेरिका की ओर से ईरान को तत्काल स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देने और बाद में प्रतिबंधों को हटाने के प्रस्ताव को उन रियायतों से बड़ा माना जा रहा है, जो ईरान को 2015 के परमाणु समझौते के तहत दी गई थी। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और उसे सबसे खराब समझौता करार दिया था।
यह माना जा रहा है कि इस नए समझौते की अमेरिका में कड़ी आलोचना हो सकती है और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है, जिन्होंने 28 फरवरी को ट्रंप के साथ मिलकर युद्ध शुरू किया था।
समझौते की प्रमुख बातें
- समझौते पर हस्ताक्षर के साथ अमेरिका, ईरान और इनके सहयोगियों को लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान बंद करेंगे
- अमेरिका और ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करेंगे और आंतरिक मामलों में दखल नहीं देंगे
- दोनों पक्ष 60 दिनों की अवधि के दौरान अंतिम समझौते के लिए वार्ता करने और उसे प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे, यह समय बढ़ाया जा सकता है
- समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना शुरू कर देगा और 30 दिनों में यह काम पूरा करेगा
- ईरान 60 दिनों के लिए वाणिज्यिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रयास करेगा और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा
- ईरान ने यह बात दोहराई है कि वह परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा और न ही उसका विकास करेगा
- अमेरिका ने ईरान को उसकी प्रतिबंधित और जब्त संपत्तियां पूरी तरह उपयोग के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया है
- अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगाए गए संयुक्त राष्ट्र समेत सभी प्रतिबंधों को हटाने का वादा किया है
- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाध्यकारी प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा
