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क्या ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीयों को किया गया गिरफ्तार? राजदूत ने बताई असलियत

Published: Mon, 12 Jan 2026 08:52 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में बढ़ते तनाव पर सैन्य विकल्प सहित कई जवाबों पर विचार कर रहे हैं। ईरान में ...और पढ़ें

भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर ईरानी राजदूत ने खारिज की (फोटो- रायटर्स)

भारतीयों की गिरफ्तारी की खबर ईरानी राजदूत ने खारिज की (फोटो- रायटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान में बढ़ते तनाव पर कई तरह के जवाबों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें मिलिट्री ऑप्शन भी शामिल हैं। ऐसी खबरें हैं कि तेहरान में देश भर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई में अब तक 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।

इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका देश में बढ़ती महंगाई को लेकर खामेनेई शासन के खिलाफ, प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का इस्तेमाल करता है, तो अमेरिकी सेना और इज़राइल उनके टारगेट पर होंगे।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई में कम से कम 544 लोग मारे गए है। इससे भी ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है।

एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि दो हफ्ते के विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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ईरान में 6 भारतीय गिरफ्तार?

भारत में ईरानी राजदूत ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि छह भारतीय नागरिकों को ईरानी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

X पर ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा, 'ईरान में हो रहे डेवलपमेंट के बारे में कुछ विदेशी X अकाउंट्स पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह गलत हैं। मैं सभी संबंधित लोगों से रिक्वेस्ट करता हूं कि वे अपनी खबरें भरोसेमंद सोर्स से लें।'

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ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान के हटाए गए शाह (राजा) के बेटे रजा पहलवी ने सुरक्षा बलों से 'लोगों के साथ खड़े होने' की अपील की है। ईरान में इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने की वजह से विदेश से प्रदर्शनों का अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल हो गया है।

ईरान से भेजे गए ऑनलाइन वीडियो में, कथित तौर पर उत्तरी तेहरान के पुनाक इलाके में प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होते हुए देखा गया था। वहां अधिकारियों ने सड़कें बंद कर दी थीं और प्रदर्शनकारी अपने जलते हुए मोबाइल फोन लहरा रहे थे।

क्यों शुरू हुआ प्रदर्शन

28 दिसंबर को ईरानी करेंसी रियाल के गिरने के बाद ये प्रदर्शन शुरू हुआ, जो $1 के मुकाबले 1.4 मिलियन से ज्यादा पर ट्रेड कर रही थी, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जूझ रही है।

धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन तेज हो गए और सीधे ईरान की धार्मिक सरकार को चुनौती देने वाली मांगों में बदल गए।