जेनेवा, एएफपी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने सीरिया के विद्रोही कब्‍जे वाले ईस्‍टर्न घोउटा में स्थिति का जायजा लेने के लिए तत्‍काल जांच के आदेश दिए हैं। परिषद ने सोमवार को एक ऐसे प्रस्‍ताव के समर्थन में वोट दिया, जिसमें मानवाधिकार जांचकर्ताआें से ईस्‍टर्न घोउटा के हालिया घटनाक्रमों की एक व्‍यापक एवं स्‍वतंत्र जांच किए जाने का आह्वान किया गया था। प्रस्‍ताव के समर्थन में 29 वोट मिले, 14 अनुपस्थित रहे और चार ने विरोध किया।

संयुक्‍त राष्‍ट्र की इस शीर्ष मानवाधिकार इकाई ने ईस्‍टर्न घोउटा में शीघ्र मानवीय सहायता मुहैया कराए जाने की भी मांग की, जहां 2013 से चार लाख से अधिक लोग घेरेबंदी में जिंदगी जी रहे हैं और खाने व दवाइयों की कमी से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं।

संयुक्‍त राष्‍ट्र ने रविवार कहा कि ईस्‍टर्न घोउटा में सोमवार को मानवीय सहायता पहुंचाने की योजना थी। मगर सीरियाई सरकार के ताजा हमले के बाद इसको अमल में नहीं लाया जा सका। इस हमले में रात भर में कम से कम 14 आम नागरिकों की मौत हो गई। इस तरह फरवरी में ईस्‍टर्न घोउटा के खिलाफ तेज हुए हमले के बाद से अब तक मरने वाले कुल लोगों की संख्‍या 709 हो गई है। इनमें कम से कम 166 बच्‍चे शामिल हैं।

ईस्टर्न घोउटा पर है विद्रोहियों का कब्‍जा

गौरतलब है कि साल 2012 से ईस्टर्न घोउटा को विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण में ले रखा है। करीब चार लाख की आबादी वाले इस इलाके को सीरिया और ईरान ने विद्रोही इलाका घोषित किया हुआ है। ईस्टर्न घोउटा पर कई इस्‍लामिक विद्रोही संगठनों का कब्‍जा है, जिसमें अलकायदा से जुड़ा हयात तहरीर अल-शाम भी शामिल है।

Posted By: Pratibha Kumari