ईरान के साथ युद्ध में उलझा अमेरिका, उधर यूक्रेन के पास मिसाइलों की किल्लत; क्या मौके का फायदा उठाएंगे पुतिन?
ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी सहयोगियों द्वारा पैट्रियट मिसाइलों के भारी उपयोग से यूक्रेन में इनकी कमी हो गई ...और पढ़ें

(यह तस्वीर AI से जेनेरेट की गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका के मिडिल ईस्ट सहयोगी ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने के लिए अमेरिकी निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम का भारी इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइलों की गोला-बारूद की कमी गंभीर रूप से सामने आ रही है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि ईरान युद्ध के महज तीन दिनों में जितनी पैट्रियट मिसाइलें खर्च हुईं, उतनी पूरे यूक्रेन युद्ध (2022 से अब तक) में नहीं हुईं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस कमी का फायदा उठाकर यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले कर सकते हैं?
ईरान युद्ध में पैट्रियट मिसाइलों का भारी उपयोग
पैट्रियट सिस्टम खासकर कींव की रक्षा के लिए 2023 से यूक्रेन में तैनात हैं। यह सिस्टम रूस की किंझाल जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम साबित हुए हैं, जिससे पुतिन के 'अजेय' दावों को झटका लगा है। लेकिन प्रत्येक पैट्रियट मिसाइल की कीमत कई मिलियन डॉलर है और सालाना उत्पादन 900 से कम है।
अल जजीरा के मुताबिक जेलेंस्की ने कहा, ईरान के हमलों को रोकने में तीन दिनों में लगभग 800 मिसाइलें इस्तेमाल हुईं। यूक्रेन के पास मुश्किल से दर्जन भर पैट्रियट बैटरी हैं, जबकि पूर्ण सुरक्षा के लिए कम से कम 25 की जरूरत है।
रूस इस कमी का फायदा उठा सकता है
रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन-मिसाइल हमलों में विराम लिया है, जो बड़े हमलों की तैयारी का संकेत है। ऐसे में सहयोगी देश अपनी पैट्रियट स्टॉक देने से हिचक रहे हैं।
यूक्रेन रूसी उत्पादन सुविधाओं पर ड्रोन हमले कर रहा है, लेकिन समस्या बनी हुई है। ईरान युद्ध से वैश्विक कमी बढ़ी है, जिससे यूक्रेन की हवाई रक्षा कमजोर हो सकती है और नागरिक बुनियादी ढांचे पर खतरा मंडरा रहा है।
