बैंक अकाउंट का एक्सेस नहीं, घरों में नहीं घुस पा रहे... यूक्रेन ने डेटा सेंटर पर किया हमला तो रूस में मच गई अफरातफरी
यूक्रेन ने रूस की प्रमुख टेक कंपनी यांडेक्स के डेटा सेंटरों पर जवाबी हमला किया है, जिससे रूस में बैंक ...और पढ़ें

यांडेक्स ठप होने के बाद रूस के आम नागरिक परेशान
HighLights
यूक्रेन ने रूस के यांडेक्स डेटा सेंटरों को निशाना बनाया।
बैंक ऐप्स, टैक्सी, स्मार्ट होम सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
यह हमला रूस के डिजिटल हमलों का सीधा जवाब है।
डिजिटल डेस्क, मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ सीमाओं और सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि यह आम नागरिकों के डिजिटल जीवन में प्रवेश कर चुका है। यूक्रेन ने रूस की प्रमुख टेक कंपनी यांडेक्स के डेटा सेंटरों को निशाना बनाते हुए एक बड़ा जवाबी अभियान शुरू किया है। इस हमले के कारण रूस में बैंक ऐप्स, टैक्सी, ऑनलाइन डिलीवरी और यहां तक की स्मार्ट घरों के डिजिटल दरवाजों की चाबियां तक ठप हो गईं।
यांडेक्स के 5 में से 3 डेटा सेंटर क्षतिग्रस्त
यह घटना तब शुरू हुई जब मॉस्को ने यूक्रेन के डिजिटल और डेटा सेंटरों को निशाना बनाना शुरू किया। इसके जवाब में 8 अक्टूबर के बाद से यूक्रेन ने रूस के यांडेक्स के पांच प्रमुख डेटा सेंटरों में से तीन को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया। यांडेक्स को अक्सर रूस का गूगल कहा जाता है। जिस पर देश की एक बड़ी आबादी का दैनिक जीवन और अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्भर है।
नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर
रूस के प्रमुख शहरों में इस डिजिटल ब्लैकआउट का व्यापक असर देखने को मिला यांडेक्स ठप होने से लोग अपने बैंक खातों और बचत के पैसों तक पहुंचने में असमर्थ हो गए। सेंट पीटर्सबर्ग की एक ब्लॉगर इरीना ने बताया कि पैसे होने के बाद भी वह न तो घर का किराया दे पाईं और न ही अपने बच्चे के लिए खाना खरीद सकीं।
यांडेक्स की क्लाउड स्टोरेज बंद होने के साथ-साथ स्मार्ट होम्स के लिए इस्तेमाल होने वाली डिजिटव चाबियों ने काम करना बंद कर दिया जिससे कई लोग अपने ही घरों में नहीं घुस पाए। यांडेक्स टैक्सी ऐप ने भी काम करना बंद कर दिया है। मॉस्को के ड्राइवरों ने बताया कि वे अपनी रोजाना की कमाई न तो देख पा रहे थे और न ही निकाल पा रहे थे।
क्रेमलिन और यांडेक्स की प्रतिक्रिया
9 अक्टूबर को यांडेक्स ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उनके किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई है और सेवाओं को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी ने माना कि डेटा सेंटर उनकी सेवाओं की रीढ़ हैं।
वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने प्रभावित नागरिकों को सरकारी आर्थिक मदद देने के सवाल पर कहा कि अभी इस बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि यांडेक्स एक 'मजबूत और ताकतवर' कंपनी है और वह इन मुश्किलों से उबर जाएगी।
कई बड़ी कंपनियों पर निशाना
यूक्रेन का यह हमला केवल यांडेक्स तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक और प्रमुख टेक-सोशल मीडिया कंपनी वीके के डेटा सेंटरों पर भी हमले किए गए हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि रूस द्वारा यूक्रेन की इंटरनेट कनेक्टिविटी छिनने की कोशिशों के जवाब में ही ये हमले किए जा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका द्वारा रूस के ऊर्जा और तेल बुनियादी ढांचों पर सीधे हमलों को रोकने के दबाव के बाद अब डेटा सेंटर इस युद्ध का नया और प्रमुख निशाना बन गए हैं।
