दुबई, एजेंसी। कोरोना महामारी के चलते संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले कई भारतीयों ने अपनी गर्मियों की छुट्टियां रद कर दी हैं या फिर कुछ दिनों के बाद छुट्टियों पर जाने का मन बनाया है। एक समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के अनुसार जून से लेकर अगस्त के बीच का वक्त यूएई में रह रहे भारतीय सबसे ज्यादा यात्रा करते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि इस दौरान बच्चों के स्कूलों में छुट्टी होती है। हालांकि, अभी यूएई में भारत से आने पर प्रतिबंध है साथ ही देश में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चल रहा है, इसे भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

यात्रा को लेकर क्‍या है नजरिया

ट्रैवल एजेंसी, मुसाफिर डॉट कॉम के महाप्रबंधक राहीश बाबू ने बताया कि भारत की ज्यादातर यात्राएं स्कूल की छुट्टियों के आस पास ही होती हैं, लेकिन अभी यूएई की सरकार ने देश में 12 से 15 साल के बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया हुआ है। इसके चलते बच्चों के माता-पिता को चिंता है की, अगर वो छुट्टियों पर चले जाते हैं, तो उनके बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाएगा। उन्‍होंने कहा कि इसके अतिरिक्‍त भारत की स्थिति अभी अस्थिर है ये भी एक बड़ा कारण है की लोग भारत की यात्रा करने से कतरा रहे हैं।

यूएई की उड़ानों पर है रोक

दरअसल, यूएई ने 24 अप्रैल को भारत से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा थी। कोरोना के प्रसार को देखते हुए बाद में इसे 4 मई को बढ़ा दिया गया था और अब भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते अमीरात एयरलाइंस ने 30 जून तक भारत से यूएई के लिए यात्री उड़ानों पर रोक की घोषणा की है। अभी सिर्फ एक निश्चित श्रेणी के यात्री ही भारत से यूएई ट्रैवल कर सकते हैं, जिसमें गोल्डन वीजा धारक, राजनयिक और विशेष अनुमति वालों को ही यात्रा करने की अनुमति है।

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