वाशिंगटन, एजेंसी । उत्तरी सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई पर चीन और पाकिस्तान के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। चीन ने जहां तुर्की से कुर्द लड़ाकों के खिलाफ हमला रोकने के लिए कहा है। वहीं, पाकिस्तान ने हमले का समर्थन किया है। इससे दोनों देशों के बीच रिश्‍तों में खटास आ सकती है। इस बीच उत्तरी सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। तुर्की पर प्रतिबंध लगाते हुए उन्होंने इस पश्चिम एशियाई देश को तुरंत संघर्ष विराम करने को कहा है। वहीं, तुर्की ने उत्तरी सीरिया पर हमला और तेज कर दिया है। मंगलवार को उसने मांब्जी शहर के पास के इलाकों में बम गिराए। सीरिया पर हमले के बाद ब्रिटेन और स्पेन ने भी तुर्की को हथियारों के निर्यात को निलंबित कर दिया है।

चीन और पाकिस्‍तान के बीच मतभेद उभरा

रूस और अमेरिका के बाद मध्‍य एशिया में चल रही राजनीति में चीन और पाकिस्‍तान भी आमने आ गए हैं। उत्तरी सीरिया में तुर्की की सैन्‍य कार्रवाई का चीन ने जबरदस्‍त विरोध किया है। वहीं, चीन के मित्र पाकिस्‍तान ने चीन के विरुद्ध जाकर इस हमले का समर्थन किया है। तुर्की को लेकर दोनों देशों के बीच संबंधों पर क्‍या असर पड़ेगा यह तो वक्‍त बताएगा, फिलहाल इस मामले में दोनों देश आमने-सामने हैं। पाकिस्‍तान का तुर्की प्रेम जगजाहिर है। कश्‍मीर मसले पर तुर्की ने खुलकर पाक का समर्थन किया था।

ट्रंप ने उठाया सख्‍त कदम, बर्बाद करने की दी चेतावनी

ट्रंप ने कहा कि तुर्की के नेतृत्व ने खतरनाक और तबाही वाले रास्ते पर चलना बंद नहीं किया तो मैं इस मुल्क की अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। तुर्की के सैन्य अभियान से नागरिकों के साथ ही क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है। इस बीच खबर है कि ब्रिटेन तुर्की को हथियारों की बिक्री की समीक्षा कर रहा है। प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट किया कि हम तुर्की के साथ 100 अरब डॉलर के कारोबार समझौते पर चल रही बातचीत रोक रहे हैं। स्टील पर 50 फीसद शुल्क बढ़ा रहे हैं।

अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति ने की राष्ट्रपति एर्दोगन से फोन पर बात

अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस ने बताया कि ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन से फोन पर बात की और उत्तरी सीरिया में सैन्य अभियान रोकने को कहा। उन्होंने एर्दोगन से साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका चाहता है कि तुर्की तुरंत संघर्ष विराम कर कुर्द बलों के साथ बातचीत करे। ट्रंप ने यह आदेश भी दिया है कि पेंस और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओब्रायन के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल तुर्की जाए और वार्ता की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

एक लाख 60 हजार लोगों ने किया पलायन

सैन्य अभियान के चलते 1.60 लाख लोगों का पलायन संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, उत्तरी सीरिया में पिछले एक हफ्ते से जारी तुर्की के सैन्य अभियान में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं, जबकि करीब एक लाख 60 हजार लोगों ने पलायन किया है।

सीरिया से वापस लौटेंगे एक हजार अमेरिकी सैनिक

अमेरिका युद्ध प्रभावित सीरिया में तैनात अपने करीब एक हजार सैनिकों को आगामी कुछ हफ्तों में वापस बुला लेगा। इन सैनिकों की वापसी उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों पर तुर्की के सैन्य अभियान के बीच होने जा रही है। ट्रंप ने पिछले हफ्ते सीरिया से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का एलान किया था।

सुरक्षा परिषद की बैठक आज

उत्तरी सीरिया में तुर्की के सैन्य अभियान पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार को बैठक होगी। राजनयिकों ने बताया कि यूरोपीय देशों के आग्रह पर 15 सदस्यीय परिषद की बैठक बुलाई गई है।

 

Posted By: Ramesh Mishra

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