विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

इधर ट्रंप की 'फाइनल वॉर्निंग', उधर ईरान ने कर दिया मिसाइल हमला; मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव

Published: Thu, 02 Apr 2026 09:06 AM (IST)

ट्रंप की कड़ी चेतावनी के तुरंत बाद ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया ...और पढ़ें

HighLights

  1. ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दागीं।

  2. इजराइल ने मिसाइलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया।

  3. मध्य पूर्व में तनाव चरम पर, कोई हताहत नहीं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के कड़े अल्टीमेटम के तुरंत बाद ईरान ने इजराइल की ओर मिसाइलें दाग दीं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

ईरान ने गुरुवार को इजराइल की तरफ मिसाइल हमला किया। यह हमला उस समय हुआ जब ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ईरान को चेतावनी दी थी कि वह तुरंत समझौता करे और युद्ध रोके। इजराइल की सेना ने बताया कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों को पहचान लिया है और उन्हें रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं। सेना के अनुसार तीन घंटे के भीतर यह तीसरी बार था जब मिसाइलें दागी गईं।

मिसाइल हमले के बाद अलर्ट

इजराइल के उत्तरी इलाकों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। यह हमला उस समय हुआ जब ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को “स्टोन एज” यानी बहुत पीछे धकेलने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा।

कैसे शुरू हुआ यह संघर्ष

यह पूरा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर अचानक हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। अमेरिका ने इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया, जबकि इजराइल ने इसे 'ऑपरेशन रोअरिंग लायन' कहा। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं।

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर बहुत कड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को जल्द पूरा कर लेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर इस दौरान कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य अहम ढांचों को एक साथ निशाना बनाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं था, लेकिन हालात अपने आप बदल गए हैं।

होर्मुज में महासंकट: 20 व्यापारिक जहाजों पर हमला हुआ, 1900 जहाज फंसे, नौसेना प्रमुख ने जताई गहरी चिंता