'युद्ध और पाबंदियों की मार झेल रहे हैं ईरान के लोग', तेहरान पर नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी का बड़ा बयान
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी ने कहा कि युद्ध और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान के ...और पढ़ें

'युद्ध और पाबंदियों की मार झेल रहे हैं ईरान के लोग'- नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी (फोटो- रॉयटर)
HighLights
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी ने ईरान की मौजूदा हालात पर की टिप्पणी
कहा, सरकार के दमन के बावजूद, युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही
एपी, दुबई। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी ने कहा कि युद्ध और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान के लोग आर्थिक तंगी और आंतरिक दमन की भारी कीमत चुका रहे हैं।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ने आम नागरिकों का जीना मुश्किल कर दिया है और वे कई संकटों से जूझ रहे हैं।
54 वर्षीय मोहम्मदी को इस साल की शुरुआत में चिकित्सा कारणों से जेल से अस्थायी रूप से रिहा किया गया था।
जेल के अंदर लिखी गई उनकी आत्मकथा इस महीने फ्रेंच और जर्मन सहित कई भाषाओं में प्रकाशित हो रही है, जबकि अंग्रेजी और फारसी संस्करण अगले साल आएंगे।
मोहम्मदी ने बताया कि 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद से ईरानी नागरिकों में प्रतिरोध की एक नई लहर पैदा हुई है।
सरकार के भारी दमन के बावजूद, युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही है और डटकर खड़ी है, जो एक बड़ी उम्मीद की किरण है। सुरक्षा कारणों से राजनीतिक नेतृत्व पर सीधी टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने अपनी हालिया गिरफ्तारी और सेहत के बारे में भी बात की।
उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर में मशहद शहर में एक मानवाधिकार वकील के स्मारक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा बलों ने उन्हें बुरी तरह पीटा था।
इसके बाद उन्हें 16 साल की सजा सुनाई गई और दो महीने तक एकांत कारावास में रखा गया, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया था। मई में बेहोश होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर जमानत पर रिहा किया गया।
