दोहा, एएनआइ। तालिबान ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय बैंकों में विदेशी अफगान संपत्ति को अनफ्रीज करने के अनुरोध के जवाब में पश्चिमी देश चुप्पी साधे हुए हैं। इससे पहले कतर में अमेरिका के साथ पहली व्यक्तिगत बैठक के दौरान भी तालिबान ने संयुक्त राज्य अमेरिका से अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक भंडार को मुक्त करने का आग्रह किया था।

कतर में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने स्पुतनिक को बताया कि अफगान सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राज्य अमेरिका, नार्वे, इटली, जर्मनी, फ्रांस, यूके, स्वीडन सहित लगभग 15 यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान मानवाधिकार, महिला अधिकार, देश से प्रवेश और निकास के लिए एक सुरक्षित गलियारे का निर्माण करने के साथ ही अफगान विदेशी संपत्ति को मुक्त करने पर बात हुई।

प्रवक्ता ने कहा कि इस पैसे को वापस करना लोगों का अधिकार है। हालांकि, हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है, वे चुप हैं और हमें कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। वे मानवीय सहायता के रूप में कुछ राशि दने की बात करते हैं, लेकिन यह सभी अस्थायी समाधान हैं। उन्होंने कहा कि मानवीय और राजनीतिक मुद्दों में अंतर होता है, लेकिन आम लोगों को राजनीतिक समस्याओं में नहीं लाना चाहिए।

नईम ने कहा कि अफगानिस्तान एक बड़ी मानवीय तबाही के कगार पर है और पश्चिमी देश महिलाओं की शिक्षा जैसे अलग-अलग मुद्दों पर बात कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पश्चिमी बैंकों ने करीब 9-10 अरब डालर का अफगान फंड फ्रीज कर दिया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि वह भविष्य की सरकार के आचरण के आधार पर अफगानिस्तान के बैंक भंडार के बारे में निर्णय करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि जब केंद्रीय बैंक के भंडार की बात आती है, तो हम अफगान सरकार को उसके आचरण और प्रमुख क्षेत्रों में उसके सुधार के आधार पर आंकेंगे और उसके साथ बातचीत करेंगे।

तालिबान को इन फंडों तक पहुंचने से रोकने के लिए बाइडन प्रशासन ने अमेरिकी वित्तीय संस्थानों में रखे अफगानिस्तान सरकार के अरबों डालर के भंडार को फ्रीज करने का फैसला किया है। अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आइएमएफ ने भी अफगानिस्तान के लिए फंड को रोक दिया था। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने अफगान सेंट्रल बैंक से संबंधित अरबों डालर की संपत्ति को भी फ्रीज कर दिया।

Edited By: Manish Pandey