बेरुत (रायटर)। सीरिया में विद्रोहियों और सेना के बीच लड़ाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। सीरियाई सेना ने शुक्रवार को राजधानी दमिश्क के करीब विद्रोहियों के अंतिम बचे ठिकानों पर बमबारी की। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद ने विद्रोहियों को इस क्षेत्र से खदेड़ने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।

इस बमबारी के जरिये असद ने अमेरिका सहित पश्चिमी मुल्कों को स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह उनके दबाव में आने वाले नहीं हैं। बीते शनिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं। इस हमले से पहले इन देशों ने राष्ट्रपति असद पर डोउमा क्षेत्र में अपने ही लोगों पर रासायनिक हमले का आरोप लगाया था।

सीरिया और रूस ने हालांकि रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इन्कार किया था। रूस, सीरिया का अहम सहयोगी देश है। वह हथियार और अन्य संसाधनों से असद सरकार की मदद करता है। रासायनिक हमले की जांच के लिए आर्गेनाइजेशन फॉर द प्रॉहिबिशन ऑफ केमिकल वेपन (ओपीसीडब्ल्यू) का दल सीरिया पहुंच चुका है।

लेकिन अनुकूल हालात नहीं होने के कारण वह जांच के लिए डोउमा नहीं जा सका है। पश्चिमी देशों का आरोप है कि सीरिया ओपीसीडब्ल्यू के दल को जांच नहीं करने दे रहा ताकि इस दौरान वह सुबूतों को मिटा सके।

Posted By: Srishti Verma