दमिश्क, एएफपी। तुर्की से लगने वाली अपनी सीमा पर तैनाती के लिए सीरिया ने अपने सैनिक भेज दिए हैं। जाहिर है ये सैनिक सीरिया के संप्रभुता के अधिकार के तहत तुर्की के हमलों को रोकेंगे, जो वह सीरिया की सीमावर्ती कुर्द आबादी पर कर रहा है।

सीरिया की तुर्की से लगने वाली सीमा अमेरिकी सैनिकों के हटने के बाद खाली पड़ी है और तुर्की के लड़ाकू विमान और थल सेना मनमाने तरीके से सीरिया में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कुर्दो से समझौते के तहत सीरिया की सेना सीमा पर आ रही है या अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए तैनात हो रही है।

सीरियाई कुर्दो पर तुर्की की हमले की चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना सीरिया की सीमा से हटी थी। अमेरिका के इस फैसले की दुनिया भर में निंदा हुई, क्योंकि सीरियाई कुर्दो ने आतंकी संगठन आइएस से लड़ाई में अमेरिकी सेना का साथ दिया था। यही कुर्द अमेरिका के समर्थन से सीरिया में लोकतंत्र की मांग को लेकर बशर अल असद सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़े हुए थे।

अचानक सीरिया की सीमा से हट गए अमेरिकी सैनिक 

अब जबकि सीरिया में आइएस की चुनौती खत्म हो चुकी है और कई महीनों से आतंकी हिंसा शांत है, तब तुर्की की हमले की धमकी के बाद अचानक अमेरिकी सैनिक सीरिया की सीमा से हट गए। अब तुर्की की साधन संपन्न सेना से कुर्द लड़ाकों और आबादी को बचाने के लिए कोई नहीं है। पिछले हफ्ते से जारी तुर्की के हमलों के बीच सीरिया सरकार ने साफ कहा था कि देश के साथ गद्दारी करने वाले कुर्दो से उसे जरा भी सहानुभूति नहीं है। इसलिए तुर्की के हमलों से पैदा स्थिति में वह दूर ही रहेगी, लेकिन चंद रोज में बदले हालात में सीरिया की सेना अब अपनी सीमा पर जा रही है।

30 किलोमीटर चौड़ा बफर जोन 

तुर्की अपनी सीमा पर 30 किलोमीटर चौड़ा बफर जोन बनाना चाहता है जिससे सीरिया के कुर्द चरमपंथी उसके इलाके में आकर वारदात न कर सकें। वह 36 लाख सीरिया शरणार्थियों को भी वापस सीरिया भेजना चाहता है। अमेरिका और यूरोपीय यूनियन ने अब तुर्की के हमलों को निंदा की है और उसे प्रतिबंधों की चेतावनी दी है। लेकिन तुर्की चेतावनी की चिंता किए बगैर कुर्दो पर हमले जारी रखे है।

Posted By: Manish Pandey

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