यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Syria में तख्तापलट, 14 साल के लड़के की वजह से कैसे खत्म हुआ 24 साल पुराना असद शासन?
Syria में 13 साल से चल रहे गृह युद्ध के बाद आखिरकार असद शासन का अंत हो गया है। विद्रोहियों ...और पढ़ें

HighLights
- 13 साल पहले, 2011 में शुरू हुआ था असद सरकार के खिलाफ विद्रोह।
- बशर अल असद के दमिश्क छोड़ किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सूचना।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद के 24 साल पुराने शासन का अंत हो गया है। देश में 13 साल से चल रहे विद्रोह के बाद आखिरकार सोमवार को असद के शासन को उखाड़ फेंका गया। रविवार सुबह को विद्रोहियों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में घुसकर तख्तापलट कर दिया।
सीरियाई सरकार गिरने के साथ ही देश में असद परिवार के 50 साल के शासन का भी अंत हो गया है। विद्रोहियों ने अचानक सरकार के कब्जे वाले क्षेत्र में हमला किया और 10 दिनों में राजधानी में प्रवेश किया। उधर, विद्रोहियों के आते ही राष्ट्रपति असद देश छोड़कर भाग गए।

(सीरियाई विद्रोहियों द्वारा राष्ट्रपति बशर अल-असद को अपदस्थ करने की घोषणा के बाद लोग अपना सामान लेकर चलते हैं। Photo- Reuters)
13 साल पहले हुई थी शुरुआत
हालांकि, इस गृह युद्ध की शुरूआत 13 साल पहले एक 14 वर्षीय लड़के के वजह से हुई थी, जब एक घटना ने देशव्यापी विद्रोह को जन्म दिया था। दरअसल, 2011 की शुरुआत में मौविया स्यास्नेह, जिसकी उम्र उस समय 14 साल थी, ने दीवार पर कुछ ऐसे शब्द लिखे, जिसके बाद में गंभीर परिणाम हुए। उसने लिखा था- "एजाक एल डोर", जिसका अर्थ है- 'डॉक्टर अब आपकी बारी है।' यहां डॉक्टर का संदर्भ सीरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति बशर अल-असद से था, जिनकी पृष्ठभूमि चिकित्सा से जुड़ी रही है।
दरअसल, किशोर और उसके दोस्तों का स्थानीय पुलिस द्वारा उत्पीड़न किया गया था, जिसके बाद उसने शरारत के तौर पर दीवार पर ऐसा लिख दिया था। इसकी प्रतिक्रिया में सीरिया की गुप्त पुलिस ने उन्हें 26 दिनों तक हिरासत में रखा, जहां उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। अंतत: उन्हें रिहा किया गया, लेकिन इस घटना ने लोगों को गुस्से से भर दिया। लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए और विद्रोह किया। बदले में उन्हें भी आंसू गैस और गोलियां का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते आक्रोश बढ़ गया और इसने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया।
सीरिया सरकार ने किया दमन
इसके बाद सीरिया सरकार ने प्रदर्शनकारियों का दमन करना शुरू कर दिया। उन पर गोलियां चलाई गईं और लोगों को जेलों में डाला गया। अरब स्प्रिंग से प्रेरित आंदोलन जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गया। विद्रोहियों ने भी जवाब में हथियार उठा लिए थे। इधर, उसी समय पर अरब स्प्रिंग के आंदोलनों के चलते ट्यूनीशिया और मिस्त्र में सत्ता परिवर्तन हो चुका था।
आंदोलन के दौरान सीरिया में फ्री सीरियन आर्मी (FSA) का उदय हुआ, जिसमें असद की सेना से भागे हुए लोग शामिल थे। इस विद्रोह का फायदा चरमपंथी समूहों ने भी उठाया, जिससे हिंसा और फैल गई। सालों तक चले इस विरोध प्रदर्शन से पूरा सीरिया तहस-नहस हो गया और एक खंडहर में बदल गया। अब तक लगभग 5 लाख से अधिक लोग इस हिंसा में मारे जा चुके हैं और 1 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।
सीरिया के आजादी की घोषणा
अब, दिसंबर 2024 में विद्रोह इतने चरम पर पहुंच गया कि विद्रोही गुटों ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया है। इसके चलते बशर अल असद को भी दमिश्क छोड़कर जाना पड़ा है। फिलहाल, वह कहां गए हैं, यह पता नहीं चल पाया है, लेकिन विद्रोहियों ने असद शासन से सीरिया की आजादी की घोषणा कर दी है।
