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'फ्लाईदुबई' के विमान में हुई घटना की जांच में जुटे इजरायल समेत कई देश, हमलावर के मकसद का अभी पता नहीं

Published: Fri, 02 Oct 2026 12:21 AM (IST)

दुबई से तेल अवीव जा रहे 'फ्लाईदुबई' के विमान के काकपिट में हुई घटना की जांच शुरू कर दी गई ...और पढ़ें

'फ्लाईदुबई' के विमान में हुई घटना की जांच में जुटे इजरायल समेत कई देश

'फ्लाईदुबई' के विमान में हुई घटना की जांच में जुटे इजरायल समेत कई देश

HighLights

  1. फ्लाईदुबई फ्लाइट के हमलावर की असली पहचान और मकसद का अभी पता नहीं

  2. नेतन्याहू बोले, कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रेरित किया गया था को-पायलट

एपी, यरुशलम। दुबई से तेल अवीव जा रहे 'फ्लाईदुबई' के विमान के काकपिट में हुई घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि इस जांच में इजरायल के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और ओमान भी शामिल हैं।

अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि ओमानी को-पायलट ने पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला क्यों किया। उससे सऊदी अरब की एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं और उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है।

हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि को-पायलट को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रेरित किया गया था और वह निश्चित रूप से आत्मघाती था। उसने विमान को क्रैश कराने के मकसद से ही कैप्टन पायलट पर हमला किया था।

जांच की जानकारी रखने वाले एक क्षेत्रीय इजरायली अधिकारी ने बताया, "आतंकवाद से लेकर मानसिक बीमारी तक, सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। अभी किसी भी आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता।"

अधिकारी ने बताया कि इजरायल के खुफिया और सुरक्षा अधिकारी जांच में मदद के लिए सऊदी अरब में हैं। इजरायली खुफिया एजेंसियां मोसाद और शिन बेट भी इस घटना की जांच कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि जांच के लिए को-पायलट को इजरायल भेजने की मांग की गई है। चूंकि सऊदी अरब और इजरायल के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए यह मांग माने जाने की संभावना काफी कम है। हालांकि दोनों देश लंबे समय से सुरक्षा और खुफिया मामलों में वैकल्पिक तरीकों से सहयोग करते रहे हैं।

'द टाइम्स ऑफ इजराइल' ने एक इजरायली अधिकारी के हवाले से बताया कि सऊदी अरब की जांच पूरी होने के बाद को-पायलट को आगे की जांच के लिए यूएई के अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

यूएई की सरकार ने कहा है कि उसकी अपनी जांच टीम ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है और यह भी देख रही है कि क्या इसका संबंध किसी आतंकवादी उद्देश्य से था।

उन्होंने कहा कि जांच का अधिकार अमीराती अधिकारियों को है क्योंकि विमान वहां पंजीकृत है और विमान में हुए अपराधों पर यूएई का कानून लागू होता है।

इजरायली अधिकारियों को उम्मीद है कि यूएई की जांच से इस घटना के बारे में और भी अहम नतीजे सामने आएंगे। दो इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इजरायल का शुरुआती अनुमान यह है कि को-पायलट शायद अकेले ही यह काम कर रहा था।

ईरान की भूमिका पर बोले नेतन्याहू, अभी कुछ कहना जल्दबाजी

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से जब पूछा गया कि उन्हें कैसे पता चला कि को-पायलट को कट्टरपंथी विचारधारा के लिए उकसाया गया था, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।

नेतन्याहू ने कहा, "ऐसा बहुत मुमकिन है कि वह विमान को गिराने वाला था। इस्लामी सोच और कट्टरपंथ जो उसकी पृष्ठभूमि में दिखते हैं, मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ा सुराग है। लेकिन फिर भी मैं अभी कोई पक्का नतीजा नहीं निकाल रहा हूं। पर अभी हमारे पास यही संकेत हैं।"

हालांकि फॉक्स न्यूज ने जब उनसे पूछा कि क्या इसमें ईरान की कोई भूमिका होने का संकेत है, तो उन्होंने कहा, "अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हम इस हमलावर के बारे में पूरी सच्चाई का पता लगाएंगे कि क्या उसके कोई साथी थे या इसके पीछे ईरान का हाथ था। मुझे लगता है कि हमें जल्द ही इसका पता चल जाएगा।"

नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी, जो इस बात पर सहमत हुए कि इजरायल को-पायलट से पूछताछ में शामिल हो सकेगा।

ट्रंप ने कहा, शायद आंतकी है को-पायलट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने और नेतन्याहू ने फोन पर इस घटना के बारे में विस्तार से बात की है। ऐसा लगा कि को-पायलट शायद आतंकी है या शायद सनकी है।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि विमान में सवार अधिकतर लोग इजरायल से थे, साथ ही भारत और यूएई के लोग भी थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी।

सऊदी अरब व जॉर्डन ने पहले नहीं दी थी उतरने की अनुमति

इमरजेंसी लैंडिंग के लिए जगह की तलाश के दौरान एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ विमान की बातचीत सुनने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सऊदी अरब और जार्डन ने शुरुआत में विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी थी, हालांकि बाद में वह सऊदी अरब के तबुक में उतरा।

विमान के पायलट की आवाज कांप रही थी जब उसने "मेडे" (आपातकालीन मदद के लिए संकेत) कहा और बताया कि प्लेन हाईजैक हो गया है। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने इन्कार करने का कोई कारण नहीं बताया।

'फ्लाईदुबई' ने कहा है कि इजरायल आने-जाने वाली उसकी उड़ानें फिलहाल स्थगित कर दी जाएंगी। वहीं नेतन्याहू कहना है कि इजरायल, दुबई में फंसे किसी भी व्यक्ति को वापस लाने की योजना बना रहा है।