मनामा (एएफपी)। सऊदी अरब के विदेश मंत्री अदेल अल जुबैर ने तुर्की के आरोपितों के प्रत्‍यर्पण की मांग पर कहा कि पत्रकार जमाल खशोगी के हत्यारों के खिलाफ देश में ही मुकदमा चलेगा। बहरीन की राजधानी में आयोजित सुरक्षा सम्‍मेलन में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में थोड़ा वक्त लगेगा। उन्होंने अमेरिका से अपने मुल्क की गाढ़ी दोस्ती का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में 'मीडिया हिस्टीरिया' ने पश्चिम के साथ सऊदी अरब के रिश्तों को खराब किया। तुर्की द्वारा आरोपियों के प्रत्यर्पण की मांग के संदर्भ में भी यह बात कही।

विदेश मंत्री ने कहा कि आरोपी सऊदी अरब के हैं। उन्हें सऊदी अरब में ही हिरासत में लिया गया है। इस मामले में जांच भी सऊदी अरब में चल ही है और देश में ही उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। ज्ञात हो कि तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्डोगन ने उन 18 लोगों के प्रत्यर्पण की मांग की थी, जिन्हें पत्रकार खशोगी की हत्या में शामिल बताया जा रहा था।

सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कहा कि मीडिया की वजह से वैश्विक स्तर पर इस मामले ने तूल पकड़ लिया। उन्होंने अमेरिकी में ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति को तर्कसंगत और यथार्थवादी ठहराते हुए कहा कि गल्फ अरब के देश इसका समर्थन कर सकते हैं। सऊदी अरब तीन हफ्ते तक जमाल की हत्‍या से इन्‍कार करता रहा, खशोगी के ठिकाने की जानकारी को लगभग तीन हफ्तों तक नकारने के बाद रियाद ने स्वीकार किया कि खशोगी की हत्या "पूर्वनिर्धारित" थी, लेकिन हत्‍या में प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भागीदारी से इंकार किया है। 

सऊदी क्राउन प्रिंस

जुबैर ने कहा कि हम इस मामले को जल्‍द खत्म करेंगे। उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे की जांच की जा रही है। हम जल्‍द सच्‍चाई को जान लेंगे। हम मामले को उत्तरदायी को जिम्मेदार ठहराएंगे। और तंत्र के जरिये सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा फिर न हो।

सऊदी शाही मंडल के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार खशोगी प्रकरण के बाद प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के लिए सिंहासन के उत्तराधिकारी के नाम पर समर्थन गिर गया है। जमाल खशोगी सऊदी अरब से निर्वासन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में गया था, जहां वह वाशिंगटन पोस्ट के लिए एक स्तंभ लिखता था, जिसमें अक्सर प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की आलोचना करता था। खशोगी को 2 अक्‍टूबर को तुर्की में सऊदी के दूतावास में प्रवेश करते हुए देखा गया था, जहां वह तुर्किश मंगेतर हैटिस सेंजिस से शादी के कागजात लेने के लिए गया था।

मंगेतर ने हत्‍या में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। माना जा रहा है कि 82 वर्षीय सऊदी के सुल्‍तान प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को हटाना चाह रहे हैं। खगोशी हत्‍याकांड विश्‍व में सऊदी को चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर 3 राजकुमारों की हत्‍या का आरोप है।

पेंटागन प्रमुख

अमेरिकी विदेश सचिव मैटिस ने कहा, क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती है खशोगी की हत्या 

मनामा, रायटर। अमेरिकी विदेश सचिव जिम मैटिस ने कहा कि सऊदी के पत्रकार जमरल खशोगी की हत्‍या मध्‍य पूर्व के स्‍थायित्‍व को कमजोर करती है। वाशिंगटन इस मामले में जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ समुचित उपाय करेगा। वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार खशोगी की हत्या के कारण दुनिया के शीर्ष तेल निर्यातक सऊदी अरब के लिए विश्‍व में संकट बढ़ा है।

सऊदी अरब के सहयोगियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ये सभी मध्य पूर्व में बढ़ते ईरान के प्रभाव के खिलाफ यूएस समर्थित क्षेत्रीय ब्लॉक के मजबूत स्‍तंभ है। उन्होंने कहा, 'हमारे विदेश मंत्री ने पहले से ही उन 21 सऊदी अधिकारियों का वीजा रद कर दिया है, जो हत्या में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा वे इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। अमेरिका इस तरह की बर्बर हत्‍या को बर्दाश्त नहीं करेगा।

Posted By: Arun Kumar Singh

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