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हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब की बड़ी गुहार, फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मांगी तत्काल सैन्य मदद

Published: Thu, 17 Sep 2026 05:48 AM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 07:11 AM (IST)

यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच सऊदी अरब के मिसाइल डिफेंस सिस्टम कम पड़ रहे हैं। ...और पढ़ें

सऊदी अरब ने हूतियों से लड़ने के लिए फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मदद मांगी है (फोटो- रॉयटर)

सऊदी अरब ने हूतियों से लड़ने के लिए फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मदद मांगी है (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. सऊदी अरब ने हूतियों से लड़ने के लिए फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मदद मांगी है

  2. हौथियों ने सऊदी अरब के एफ-15 विमान पर गोलीबारी और उसके जलते हुए मलबे का वीडियो जारी किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच सऊदी अरब के मिसाइल डिफेंस सिस्टम कम पड़ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब ने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से हवाई रक्षा सहायता मांगने की अपील की है।

दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सऊदी अरब हूती और अन्य ईरान समर्थित समूहों के मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के लिए सहयोगियों से मदद मांग रहा है।

अमेरिका, जो सऊदी का मुख्य सहयोगी और हथियार आपूर्तिकर्ता है, खुद ईरान के साथ छह महीने के युद्ध के कारण इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का सामना कर रहा है।

उसी दिन हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने मारीब प्रांत में सऊदी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उन्होंने स्थानीय रूप से निर्मित एयर-टू-एयर मिसाइल से जेट को निशाना बनाया।

हूतियों ने एक चार मिनट का वीडियो भी जारी किया, जिसमें जेट को निशाना बनाए जाने, उसके मलबे में आग लगने और धुएं उठने के दृश्य दिखाए गए हैं। मलबे के पास हथियारबंद लड़ाके भी नजर आ रहे हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस दावे पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

बुधवार को ही सऊदी अरब ने आरोप लगाया कि हूतियों ने इस्लाम के पवित्र शहर मक्का पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की, जिसे रॉयल सऊदी एयर डिफेंस ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी ने मक्का को रेड लाइन बताया। हूतियों ने इस आरोप को झूठा करार दिया।

यह संघर्ष ईरान युद्ध के कारण नया मोर्चा बन गया है। हूती लाल सागर में जहाजों और सऊदी बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहे हैं। सऊदी का एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन भी हमले के बाद बंद पड़ा है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।