विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'बदलते दौर में भारत बना रहा भरोसेमंद साझेदारियां', अबू धाबी में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:35 PM (IST)

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अबू धाबी में कहा कि वैश्वीकरण को पलटा नहीं जा सकता और इसे अधिक लचीलेपन के साथ आगे बढ़ाना होगा।

विदेश मंत्री का UAE दौरा

विदेश मंत्री का UAE दौरा

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, अबू धाबी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि वैश्वीकरण को पलटा नहीं जा सकता। इसे अधिक लचीलेपन और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपनी ताकत बढ़ा रहा है और भरोसेमंद साझेदारियां कायम कर रहा है।

अबू धाबी में 'द कान्टिनेंटल कारिडोर: हु कनेक्ट्स द हार्टलैंड' विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने यह बात कही। इसमें ट्यूनीशिया के पूर्व प्रधानमंत्री मेहदी जोमा, डीपी वर्ल्ड के सीईओ और प्रबंध निदेशक रिजवान सूमर और लंदन स्थित सेंटर फार यूरोपियन रिफॉर्म की वरिष्ठ रिसर्च फेलो आर्मिडा वैन रिज भी शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है, नए चोकप्वाइंट (रुकावट के बिंदु) सामने आए हैं, और अपने फायदों का इस्तेमाल करने की इच्छा भी बढ़ी है। उनकी ये टिप्पणियां पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति के बीच आई हैं।

'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे' (आईएमईसी) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कनेक्टिविटी को लेकर क्षेत्रीय सोच को पहले ही आकार देने लगा है। जैसे-जैसे वैश्विक परिदृश्य बदल रहा है, भारत अपनी ताकत बढ़ा रहा है और भरोसेमंद साझेदारियां बना रहा है।

यह गलियारा एक नियोजित मल्टी-मोडल व्यापार, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी नेटवर्क है, जिसकी घोषणा सितंबर 2023 में नई दिल्ली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य एशिया, अरब की खाड़ी और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति देना है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)