मास्को, एएनआइ। आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान की राजधानी बेरुत स्थित वेयरहाउस में भीषण धमाके के बाद रूस के आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने डाक्टरों, व राहतकर्मियों को भेज दिया है। बेरुत में हुए इस हादसे के बाद रूस के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन व फ्रांस समेत कई देशों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। इस क्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कहा कि फ्रांस एक नागरिक सुरक्षा टुकड़ी और कई टन चिकित्सा उपकरण लेबनान में तैनात करेगा।

रूसी मंत्रालय ने स्पूतनिक से बताया कि बुधवार को यह एक मोबाइल हॉस्पीटल, डॉक्टरों, राहतकर्मी व पब्लिक हेल्थ वॉचडॉग रोसपोत्रेब्नाद्जोर (Rospotrebnadzor) के स्टाफ व पांच एयरक्राफ्ट भेज रही है।लेबनान की राजधानी बेरुत में मंगलवार रात एक शक्तिशाली धमाके में कम-से-कम 100 लोगों की मौत हो गई वहीं 4,000 से अधिक लोग जख्मी हैं। लेबनानी रेडक्रॉस के अनुसार, विस्फोट के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने बुधवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित कर दिया। धमाके के बाद लेबनान में डिफेंस काउंसिल की मीटिंग हुई। इसमें राष्ट्रपति भी शामिल हुए। देश में दो हफ्ते के लिए इमरजेंसी लागू कर दी गई है।

बता दें कि विस्फोट से पहले सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ऊर्जा मंत्रालय के बाहर हाथापाई हुई थी। लोग नेताओं की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। बीबीसी के अनुसार,यह धमाका इस वेयरहाउस में पिछले छह साल से जब्त अमोनियम नाइट्रेट में हुआ। ये एयरक्राफ्ट बेरुत में मोबाइल हॉस्पीटल का काम करेंगे। मंत्रालय के अनुसार, भेजे जा रहे एक्सपर्ट के साथ स्पेशल सूट व प्रोटेक्टिव गियर भी दिए गए हैं।

जॉर्डन की सिस्मोलॉजी ऑब्जरवेटरी के एक्सपर्ट के अनुसार इस धमाके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 तीव्रता के भूकंप से अधिक थी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि धमाके की तीव्रता करीब 1000 टन TNT विस्फोटक के बराबर थी जो एक छोटे परमाणु विस्फोट के बराबर होती है। इस विस्फोट ने पूरे शहर को चपेट में ले लिया।

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