रूस पर 14 सैटेलाइट से अमेरिका की जासूसी का आरोप, ईरान को हमले में कर रहा था मदद; रिपोर्ट में खुलासा
रूस पर ईरान को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने में जासूसी सैटेलाइट्स से मदद करने का आरोप लगा है।

रूस ने जासूसी सैटेलाइट्स से ईरान को अमेरिकी ठिकानों पर हमले में मदद की

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डिजिटल डेस्क, रियाद। मिडिल ईस्ट में जारी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान सैन्य ठिकानों पर हुए ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों की सटीक मैपिंग और जानकारी जुटाने में रूस के जासूसी सैटेलाइट्स ने ईरान की मदद की हो सकती है।
सैटेलाइट्स ने सैन्य ठिकानों के ऊपर भरी उड़ान
दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी सैटेलाइट्स ने उन अमेरिकी सैन्य ठिाकनों के ऊपर से उड़ान भरी, जिन्हें बाद में निशाना बनाया गया। इनमें 27 मार्च को सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए थे।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले में रूसी सैटैलाइट्स ने अहम भूमिका निभाई और उनके द्वारा दिए गए सटीक डेटा के बिना इतनी सटीकता से हमला करना ईरान के लिए मुमकिन नहीं था।
CNN के सैटेलाइट ट्रैकिंग डेटा विश्लेषण के मुताबिक, ये सैटेलाइट्स हमलों से ठीक पहले लक्षित क्षेत्रों के ऊपर से गुजरे थे। इनमें विस्तृत तस्वीरें लेने, हर मौसम में रेडियो सिग्नल ट्रैकिंग, इन्फ्रारेड इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार क्षमता वाले एडवांस्ड सैटेलाइट शामिल थे।
इस तकनीक की मदद से प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी वायु सेना का एक महत्वपूर्ण एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान भी हमले में नष्ट हो गया। इसके अलावा सऊदी अरब के रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में मौजूद CIA का एक केंद्र भी ईरान के निशाने पर रहा।
रूसी अंतरिक्ष और खुफिया क्षमताएं
विशेषज्ञों के कहना है कि रूसी अंतरिक्ष और खुफिया क्षमताएं ही अमेरिकी-ईरान के बीच बढ़ते टकराव का मुख्य कारण हैं। औबेद के अनुसार, रूस का यह कदम यूक्रेन युद्ध में अमेरिका द्वारा की जा रही मदद का ब्याज समेत बदला है, जहां अमेरिका यूक्रेन को रूसी ठिकानों पर हमला करने के लिए खुफिया जानकारी देता रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस रणनीतिक गठजोड़ का असर न केवल इस क्षेत्र में अमेरिकी स्थिति पर पड़ेगा, बल्कि भविष्य के वैश्विक सुरक्षा ढांचे को भी गहरा नुकसान पहुंचाएगा।
