'ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ, हमला करते रहे', मिडिल ईस्ट युद्ध पर बोला कतर
अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान ईरान ने कतर पर लगातार हमले किए। कतर के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरान ...और पढ़ें

ईरान ने कतर पर लगातार किए हमले (फोटो-रॉयटर्स)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध एक महीने से भी ज्यादा समय तक चला। इस युद्ध की आग में खाड़ी देशों को भी झुलसना पड़ा। इस युद्ध में ईरान ने कतर पर भी लगातार हमले किए।
कतर के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि कतर पर ईरान के हमले पूरे युद्ध के दौरान जारी रहे और वे केवल संघर्ष विराम लागू होने के बाद ही रुके।
ईरान ने कतर पर दागीं मिसाइलें और ड्रोन
कतर ने ईरान के साथ किसी भी समझौते के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि संघर्ष के दौरान ऐसी कोई आपसी समझ नहीं थी। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सीजफायर लागू होने के बाद ही हमले रुके।
यह बयान कतर के इस रुख को पुष्ट करता है कि वह तेहरान के साथ किसी समझौते में नहीं था, भले ही उसे लड़ाई के दौरान बार-बार हमलों का सामना करना पड़ा हो।
मिडिल ईस्ट में अब क्या चल रहा है?
अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट को उड़ाने की धमकी दी थी, लेकिन US और ईरान दोनों देशों ने आपसी सहमति से दो हफ्तों का सीजफायर लागू किया। इसके बाद पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई, लेकिन वो 21 घंटे की हाई-लेवल मीटिंग भी फेल हो गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज को सुरक्षिक तरीके से खोलने के लिए स्ट्रेट में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाना शुरू कर दिया है।
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