तेहरान, एएफपी। पाकिस्तान को संभाल पाने में विफल इमरान खान ने रविवार को तेहरान पहुंचकर ईरान और सऊदी अरब के रिश्तों में सुधार की कवायद शुरू की। यह तो पता नहीं चल सका कि उनकी इस कवायद को सऊदी अरब का भी समर्थन हासिल या नहीं लेकिन कुछ ही घंटों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इमरान के किए-धरे पर पानी फेर दिया।

सऊदी अरब पहुंचे पुतिन

सोमवार को सऊदी अरब पहुंच रहे पुतिन ने कहा, सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान से उनकी बहुत अच्छी दोस्ती है, वह (पुतिन) ईरान और सऊदी अरब के संबंधों में सुधार के लिए प्रयास करने को तैयार हैं। ईरान से रूस के बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पुतिन ने सितंबर में सऊदी तेल संयंत्रों पर हमलों के लिए जिम्मेदार देश या शख्स के बारे में विश्वसनीय साक्ष्य न मिलने की बात कही है। सऊदी अरब और अमेरिका ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। लाल सागर में शुक्रवार को ईरानी तेल टैंकर पर हुए हमले में सऊदी अरब ने हाथ होने से इन्कार किया है।

ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम अलग-अलग

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास कार्यक्रम को अलग-अलग करके देखा जाना चाहिए। परमाणु कार्यक्रम पर उसका दुनिया के शक्तिशाली देशों के साथ समझौता हुआ है लेकिन मिसाइलों के विकास के लिए ईरान पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इसलिए दोनों हथियारों को लेकर एक साथ राय नहीं बनानी चाहिए। पुतिन ने यह बात एक अरबी चैनल से साक्षात्कार में कही है।

इमरान खान पहुंचे ईरान 

खाड़ी में पैदा तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को ईरान पहुंचकर वहां के राष्ट्रपति हसन रुहानी और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मुलाकात की। इमरान ने कहा, हम नहीं चाहते कि ईरान और सऊदी अरब के बीच किसी तरह का टकराव हो। यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच बने तनाव के वातावरण को खत्म करना है।

पाकिस्तान का पड़ोसी देश है ईरान 

उन्होंने कहा, ईरान और सऊदी अरब के रिश्ते की जटिलताएं बातचीत के जरिये ही सुलझ सकती हैं। अगर दोनों देशों का टकराव होगा तो वह दुनिया में गरीबी का सबब बनेगा। इमरान ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ईरान के साथ वार्ता शुरू करने की आवश्यकता बताई थी। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के सऊदी अरब से मजबूत रिश्ते हैं। करीब 25 लाख पाकिस्तानी सऊदी अरब में नौकरी करते हैं और पाकिस्तानी सेना को सऊदी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हासिल है। जबकि शिया बहुल ईरान पाकिस्तान का पड़ोसी देश है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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