ईरान-अमेरिका में बातचीत की तैयारी, तेहरान ने रखीं कड़ी शर्तें; कहा- ट्रंप की धमकियों से नहीं निकलेगा परिणाम
रेजाई ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में शनिवार को कहा कि युद्ध से बाहर निकलने के लिए ईरान की ...और पढ़ें

ईरान-अमेरिका में बातचीत की तैयारी, तेहरान ने रखीं कड़ी शर्तें (फोटो- रॉयटर)
HighLights
कतर-पाकिस्तान के जरिये चल रही बातचीत, युद्ध खत्म करने के साथ फ्रीज संपत्ति और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मांग
तेहरान का दावा- सितंबर में तेल बिक्री दो साल के उच्चतम स्तर पर, होर्मुज में एक अरब बैरल तेल भेजने का अमेरिकी दावा
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे बातचीत की जमीन तैयार होती दिख रही है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा है कि तेहरान अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार है और वाशिंगटन को पता है कि वार्ता किन शर्तों पर होगी। उनके मुताबिक, कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों के साथ बातचीत चल रही है और ईरान ने अपनी शर्तें उन्हें बता दी हैं।
रेजाई ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में शनिवार को कहा कि युद्ध से बाहर निकलने के लिए ईरान की शर्तों को स्वीकार करना अमेरिका के हित में है।
हालांकि, बातचीत की पेशकश के साथ तेहरान ने अपना कड़ा रुख भी साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा और ईरान निर्णायक युद्ध के लिए तैयार है।
ईरान की ओर से सामने आई प्रमुख शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियां जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना शामिल है।
रेजाई के अनुसार, ईरान अमेरिकी सेना की कमजोरियों से परिचित है और उसके हवाई हमलों का जवाब देने के लिए पहले से अधिक तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने हाल में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत के पास एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया है।
ईरान ने सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच तनाव खत्म कराने की इच्छा भी जताई है। रेजाई ने कहा कि तेहरान दोनों पक्षों के बीच युद्ध समाप्त कराना चाहता है और उसे लगता है कि हूती भी सऊदी अरब के साथ समझौते के इच्छुक हैं।
अमेरिकी नाकेबंदी के बीच तेल बिक्री बढ़ने का दावा
इस बीच ईरान ने अमेरिकी दबाव के बावजूद अपनी तेल बिक्री बढ़ने का दावा किया है। ईरान के प्लान एंड बजट ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, सितंबर में कच्चे तेल की बिक्री तीन अरब डॉलर से अधिक रही। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद ईरान ने तेल निर्यात कैसे जारी रखा।
