काबुल, एएनआइ : अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराने वाले अमेरिकी ड्रोन हमले को लेकर तालिबान ने दावा किया है कि अमेरिकी हवाई हमले की अनुमति देने के बदले पाकिस्तान ने लाखों डालर लिए थे। तालिबान ने कहा है कि अपने दावे का समर्थन करने के लिए उसके पास पर्याप्त प्रमाण हैं। 31 जुलाई को अमेरिका ने अफगानिस्तान में आतंकवाद विरोधी हमला किया था। इसी हमले में ओसामा बिन लादेन का डिप्टी और अलकायदा के नेता के रूप में उसका उत्तराधिकारी अल-जवाहिरी मारा गया।

अमेरिका ने किया पाकिस्तान के हवाई स्पेस का इस्तेमाल

तालिबान पहले ही दावा कर चुका है कि जवाहिरी को मार गिराने के लिए अमेरिकी ड्रोन ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया था। पाकिस्तान ने इस दावे को जिम्मेदार कूटनीतिक व्यवहार नियमों का उल्लंघन बताया था। विश्व पर्यटन दिवस मनाने के लिए आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में उप विदेश मंत्री शेर मुहम्मद अब्बास स्तानेकजाई ने दावा किया कि अमेरिकी मांग पूरी करने के बदले पाकिस्तान को लाखों डालर मिले हैं। अपने दावे के समर्थन में वीडियो होने का दावा करते हुए स्तनेकजाई ने कहा कि इस सुबूत से प्रमाणित होता है कि कैसे पाकिस्तान ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी।

तालिबान के पास सबूतों का अभाव

बीते दिनों भी तालिबान ने कुछ ऐसे ही दावे किए थे जिसपर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद की प्रतिक्रिया सामने आई थी। उन्होंने एक बयान में कहा कि तालिबान के दावों में सबूतों का अभाव है। इस तरह के आरोप खेदजनक हैं। अल कायदा नेता अल जवाहिरी अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था। अमेरिका ने दावा किया कि जवाहिरी को राजधानी काबुल में ड्रोन हमले में ढेर कर दिया गया। इस हमले में अमेरिका ने हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल किया था।                  

Edited By: Amit Singh

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