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इजरायल चुनाव में किसी को बहुमत नहीं, नेतन्याहू बोले- इस्लामीकरण की हो रही साजिश

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:04 AM (IST)

इजरायल में त्रिशंकु संसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप और इस्लामीकरण की साजिश का आरोप लगाया है।

नेतन्याहू ने इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया

नेतन्याहू ने इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया

HighLights

  1. नेतन्याहू ने इजरायल चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया

  2. चुनाव समिति ने आरोपों की जांच शिन बेट को सौंपी

  3. अरब पार्टियों की जीत पर नेतन्याहू ने उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल में त्रिशंकु संसद बनने के बाद चुनाव में गड़बड़ी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को ही कर दी थी। ताजा बयान में उन्होंने कहा है कि चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका है जो हमारी चुनाव व्यवस्था के लिए भूकंप सरीखी है।

नेतन्याहू ने कहा कि चुनाव नतीजे प्रभावित करने के लिए मतदाताओं को रिश्वत दी गई। यह देश की संसद पर कब्जा करने और इजरायल के इस्लामीकरण की साजिश है।

नेतन्याहू ने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप लगाया

नेतन्याहू के आरोपों के बाद चुनाव समिति के प्रमुख जस्टिस नोआम सोलबर्ग ने विदेशी धन से चुनाव के प्रभावित होने के आरोप की जांच खुफिया एजेंसी शिन बेट को करने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने सारे तथ्यों-आरोपों की जांच को जल्द पूरा करने के लिए कहा है।

नेतन्याहू ने इंटरनेट मीडिया पोस्ट में लिखा-राएमगेट मामला भूकंप सरीखा है। इजरायल के चुनाव की चोरी हुई है। प्रधानमंत्री के निशाने पर अरब लोगों की पार्टी राएम है जिसने चुनाव में आठ सीटों पर जीत हासिल की है और वह अरबों के एक अन्य दल ज्वाइंट लिस्ट के साथ है। नेतन्याहू ने यह आरोप त्रिशंकु नीसेट (संसद) बनने पर कही है।

गुरुवार को पूर्ण हुई मतगणना में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है। लेकिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनी है। जबकि प्रतिद्वंद्वी गठबंधन के नेता गादी आइसेनकोट की याशर पार्टी को 21 सीटें मिली हैं।

अरब पार्टियों की जीत पर नेतन्याहू ने उठाए सवाल

लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 53 सीटें और याशर पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं। जबकि अरब पार्टियों के गठबंधन को अप्रत्याशित रूप से 19 सीटें मिली हैं। 120 सीटों वाली नीसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटें चाहिए।

अरब पार्टियों को 19 सीटों पर सफलता मिलने के बाद ही नेतन्याहू ने चुनाव में विदेशी धन के इस्तेमाल की बात कही है। इस सिलसिले में उन्होंने कतर और तुर्किये पर निशाना साधा है लेकिन कतर ने इजरायली चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप को बेबुनियाद करार दिया है। उल्लेखनीय है कि इजरायल में रहने वाले अरब ज्यादातर फलस्तीनी हैं जो देश की कुल आबादी के 20 प्रतिशत हैं।

अरबों की पार्टी राएम 2021 में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हुई थी। नाफ्ताली बेनेट और याइर लैपिड के नेतृत्व वाली सरकारों में वह शामिल थी। लेकिन अब नेतन्याहू ने सभी यहूदी दलों को आठ सीटों पर जीती राएम और 11 सीटों पर जीती ज्वाइंट लिस्ट पार्टी से गठजोड़ न करने के लिए कहा है। ये दोनों ही अरब पार्टियां हैं।