दुबई, एपी। ईरान के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। जगह-जगह आंदोलन हो रहे हैं। इस बीच प्रदर्शनों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा बाधित कर दी गई है। यह क्रम लगातार एक सप्ताह से चल रहा है। इंटरनेट एक्सेस एडवोकेसी ग्रुप ने इंटरनेट की इस बाधा के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया है। इस ग्रुप का कहना है कि पानी के भीषण संकट के बीच इंटरनेट की आवश्यकता बढ़ने के बाद भी इसको बंद किया गया है।

ज्ञात हो कि पानी का संकट होने के बाद यहां के खूजेस्तान में सबसे पहले आंदोलन शुरू हुआ था, इसमें तमाम लोगों के घायल होने के साथ ही तीन लोगों की मौत हो गई है। ईरान में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार खूजेस्तान प्रांत के आठ शहरों और कस्बों में पानी को लेकर प्रदर्शन की जानकारी दी गई है। इनमें एक प्रदर्शन में पुलिस अधिकारी की हत्या भी हो गई है।

 पानी की किल्लत के कारण यहां पिछले कई दिनों से बवाल जारी है। कुछ दिनों पहले ही ईरान के खूजस्तान प्रांत (Khuzestan province) में सूसनगर्द ( Susangerd) की पुलिस ने पानी के लिए मांग कर रहे लोगों पर चला दी थी जिससे एक की मौत भी हो गई थी। बता दें कि खूजस्तान के मानवाधिकार संगठन ने पुलिस का गोलियां चलाते हुए वीडियो भी जारी कर दिया। इसमें साफ दिख रहा है कि पुलिस हवा में फायर कर रही है, उसके बाद नागरिकों की तरफ पिस्टल का निशाना लगाते हुए देखा जा सकता है। शिया (Shiite) समुदाय के द्वारा अत्याचार की अक्सर शिकायत मिलती रही हैं। पूर्व में भी प्रदर्शन के दौरान लोग पुलिस का शिकार होते रहे हैं।

देश में इस सप्ताह पांचवीं बार लॉकडाउन का ऐलान किया गया है जो सोमवार तक प्रभावी है। अब तक यहां कोरोना संक्रमण के कुल मामले 35 लाख के पार चले गए हैं वहीं मरने वालों की संख्या 87,624 हो गई है।