दुबई, रायटर। तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण आर्थिक संकट झेल रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी वीजा नीति में बदलाव का फैसला किया है। अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट क्षेत्र को मजबूत करने के लिए यूएई की सरकार अब निवेशकों और उद्यमियों के लिए लंबी अवधि का वीजा जारी करेगी। वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को तो 10 साल के वीजा का प्रावधान किया गया है।

यूएई की सरकार ने गत मई में अपनी वीजा नीति में सुधार की घोषणा की थी। बीते शनिवार को कैबिनेट ने नई वीजा नीति को मंजूरी दे दी। नए नियमों के अंतर्गत ऐसे विदेशियों को यूएई में पांच साल तक रहने की छूट मिलेगी जिनके पास देश में कम से कम 14 लाख डॉलर की अचल संपत्ति हो। इसमें यह शर्त भी जोड़ी गई है कि संपत्ति पर कोई लोन नहीं होना चाहिए।

यूएई में करीब 19 करोड़ रुपये निवेश करने वालों को दस साल तक रहने की छूट होगी। इनके अलावा उद्यमियों के लिए पांच साल और वैज्ञानिकों व शोधकर्ताओं के लिए 10 साल के वीजा का प्रावधान किया गया है। उच्च कुशलता वाले छात्रों को भी पांच साल तक रहने की छूट होगी। वीजा नीति में हालांकि देश की नागरिकता हासिल करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। यूएई की दो-तिहाई आबादी विदेशी है।

Posted By: Tanisk

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