दमिश्क, एपी। तुर्की के साथ अमेरिका के अस्थायी युद्धविराम समझौते के तहत कुर्दो ने सीमावर्ती शहर रास अल-आईन खाली कर दिया। समझौते के तीसरे दिन रविवार को दर्जनों वाहनों में सवार सैकड़ों कुर्द लड़ाके और आबादी शहर से बाहर जाती देखी गई। तुर्की समर्थित सीरियाई लड़ाकों ने इस शहर का कब्जा संभाल लिया है।

कुर्द अधिकारी ने कहा है कि सीमावर्ती इलाके को खाली करने का फैसला तुर्की के साथ हुए समझौते के तहत किया गया है। तुर्की के बताए सुरक्षित क्षेत्र से कुर्द आबादी मंगलवार शाम तक बाहर चली जाएगी। मंगलवार शाम को ही तुर्की और अमेरिका के बीच तय युद्धविराम की समय सीमा पूरी होगी। उल्लेखनीय है कि नौ अक्टूबर को तुर्की ने सीरिया के सीमावर्ती इलाके पर हमले शुरू किए थे। उसके निशाने पर वह कुर्द आबादी है जिसे तुर्की लंबे समय से अपना विरोधी मानता है।

तुर्की के दबाव का नतीजा रहा कि खाड़ी की लड़ाई में अमेरिका का साथ देने वाली कुर्द आबादी को अपनी जमीन छोड़नी पड़ रही है। सीरिया की असद सरकार मामले में इसलिए चुप है क्योंकि अमेरिका के समर्थन से कुर्द पिछले आठ साल से उसके खिलाफ संघर्ष छेड़े हुए थे। तुर्की के कदम से परोक्ष रूप से सीरिया की सरकार को भी फायदा हो रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका की छवि को खासा नुकसान हुआ है, क्योंकि इराक और सीरिया में उसके मददगार कुर्द घाटे में रहे। नाक की लड़ाई में पांच सौ से ज्यादा लोगों को गंवाकर कुर्दो को अपनी जमीन तुर्की को देनी पड़ रही है।

सीरिया से सभी अमेरिकी सैनिक हटेंगे

तुर्की सीमा से अपने एक हजार सैनिक हटा चुके अमेरिका का इरादा अब सीरिया से पूरी तरह से हटने का है। सीरिया में तैनात बाकी सैनिकों को अमेरिका पश्चिमी इराक में बने अपने ठिकाने में स्थानांतरित करेगा। वहीं से आतंकी संगठन आइएस के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी। यह जानकारी अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने काबुल में दी है। एस्पर ने इराक से ही पड़ोसी देश सीरिया में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से इन्कार नहीं किया है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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