ईरान के मशहद में दफनाया जाएगा खामेनेई का शव, ईरानी मीडिया का दावा
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के साझा हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके ...और पढ़ें
HighLights
खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा।
अमेरिका-इजरायल के साझा हमले में खामेनेई की मौत हुई।
मशहद ईरान का एक पवित्र और महत्वपूर्ण शहर है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल के साझा हमले में शनिवार को मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को पवित्र शहर मशहद में दफनाया जाएगा। इस बात का दावा ईरानी मीडिया ने किया है।
वह मूल रूप से ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद के रहने वाले थे, जहां उनके पिता इमाम रजा की दरगाह में दफन हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने टेलीग्राम अकाउंट पर बताया कि दफनाने से पहले तेहरान में एक बड़ा विदाई समारोह होगा। हालांकि, दफनाने की तारीख की घोषणा नहीं की गई।
क्यों खास है मशहद?
दफनाने के लिए मशहद को चुनना बहुत बड़ा सिंबॉलिक है। मारे गए लीडर का जन्मस्थान होने के अलावा यह आठवें शिया इमाम की मजार का घर भी है, जो इसे न सिर्फ देश के सबसे पवित्र शहरों में से एक बनाता है, बल्कि ईरान की आस्था का केंद्र बनाता है।
ईरान में सबसे लंबे समय तक सर्वोच्च पद पर रहने वाले नेता
खामेनेई ईरान के सर्वोच्च पद सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेता थे और 1979 की क्रांति के बाद से इस पद पर रहने वाले दूसरे व्यक्ति थे। सबसे बड़े नेता के तौर पर मिलिट्री, इकॉनमी और स्कूल सिस्टम समेत सभी बड़े राष्ट्रीय मुद्दों पर आखिरी फैसला उनका ही होता था।
वह सेंट्रल तेहरान में एक लीडरशिप कंपाउंड को टारगेट करके किए गए अमेरिका और इजरायली जॉइंट एयरस्ट्राइक के दौरान मारे गए। वाशिंगटन और येरुशलम से शुरुआती रिपोर्ट के बाद, ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने 1 मार्च, 2026 को उसकी मौत की पुष्टि की।
