दोहा, एएनआइ। जारी शांति वार्ता के बावजूद अफगानिस्तान में हिंसा में कमी नहीं आई है। अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद (Zalmay Khalilzad) ने मंगलवार को काबुल में जारी हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि वाशिंगटन हिंसा में कमी के लिए दबाव बना रहा है जिससे स्थायी और व्यापक  सीजफायर संभव हो सकेगा। अमेरिका के लिए जनरल कमांडर ऑस्टिन स्कॉट मिल्लर ( Austin Scott Miller) और नाटो सैनिकों समेत खलीलजाद ने अफगान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात की जो अभी कतर दौरे पर हैं। 

खलीलजाद अफगानिस्तान में यूएस और नाटो सैनिक के विशेष कमांडर ऑस्टिन स्कॉट मिलर के साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से कतर में मिले। मुलाकात के दौरान खलीलजाद ने गनी से कहा कि अफगान को शांति का मौका नहीं गंवाना चाहिए और सभी देशों विशेषकर पड़ोसी देशों से ऐसा ही करने की अपील करनी चाहिए।  एक सिलसिलेवार ट्वीट में खलीलजाद ने कहा, 'कतर के आमंत्रण पर राष्ट्रपति अशरफ गनी दोहा में हैं । जनरल मिलर और मुझे उनसे मिलने और फिलहाल जारी शांति समझौते पर चर्चा  करने का मौका मिला।

अफगान शांति वार्ता में अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद ने कहा कि एक तरफ अफगान शांति वार्ता चल रही है और दूसरी ओर अफगानिस्तान में अभी भी हिंसा बहुत ज्यादा है। वहां बेकसूर अफगानी लोग अभी भी मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान में हिंसा को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और स्थाई संघर्ष विराम के प्रयास भी कर रहा है। अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता चल रही है। इस अहम वार्ता से अफगानिस्तान अधिकारियों को उम्मीद है कि देश में 19 साल से चली आ रही हिंसा को खत्‍म किया जा सकेगा। अफगानिस्‍तान सरकार के नुमाइंदो ने भी उम्‍मीद जताई है कि यह वार्ता देश में शांति लाने के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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