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इजरायली हमले के बाद तेहरान में आसमान से बरसा तेल, जहरीली बारिश से ईरान में हाहाकार

Published: Mon, 09 Mar 2026 08:51 AM (IST)

मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ने के बीच इजरायल ने तेहरान में तेल भंडारण केंद्रों पर हवाई हमले किए। इन हमलों से ...और पढ़ें

HighLights

  1. इजरायल ने तेहरान के तेल भंडारण केंद्रों पर हवाई हमले किए

  2. हमलों के बाद जहरीले धुएं से 'तेल की बारिश' हुई

  3. ईरान ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी कर घर में रहने को कहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव का आज 10वां दिन है। यह जंग कम होने की बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार देर रात इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान में तेल भंडारण केंद्रों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए।

इजरायली हवाई हमलों में तेहरान और आसपास के चार प्रमुख तेल डिपो और रिफाइनरियों को निशाना बनाया, जिसके बाद कई जगहों पर भीषण आग लग गई और वहां से उठे घने काले धुएं ने बादलों का रूप ले लिया। धुएं से बने बादल से हुई बारिश में तेल की बूंदे देखने को मिली।

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इससे इमारतें, वाहन और सड़कें गंदी हो गईं। विशेषज्ञों ने इस 'तेल की बारिश' को जहरीले हाइड्रोकार्बन और एसिड रेन का मिश्रण बताया है। वहीं, तेहरान के गवर्नर ने आपातकालीन मास्क पहनने की सलाह दी है।

तेल रिफाइनरियों पर हमला

ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि हमलों में कई तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। इनमें पूर्वोत्तर तेहरान में स्थित अघदासिये तेल गोदाम, शहर के उत्तर में स्थित शाहरान तेल डिपो, दक्षिणी तेहरान में एक तेल रिफाइनरी और पड़ोसी अल्बोरज प्रांत के कराज में स्थित एक तेल डिपो शामिल हैं।

इजरायली सेना ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से संबंधित ईंधन भंडारण परिसरों को निशाना बनाया था, जिनका इस्तेमाल सैन्य इकाइयों को ईंधन वितरित करने के लिए किया जाता था।

चार टैंकर चालकों की मौत

ईरान की समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, शनिवार को हुए हमलों में तेहरान और अल्बोर्ज में स्थित चार तेल भंडारण सुविधाओं और तेल हस्तांतरण केंद्रों को निशाना बनाया गया। इनमें से एक स्थल पर मौजूद चार टैंकर चालकों के मारे जाने की खबर है।

हमले के बाद तेल की बारिश

हमलों के कारण लगी आग घंटों तक जलती रही, जिससे काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार हवा में फैल गए। बाद में इस धुएं ने घने बादल बना लिए, जिससे बारिश हुई और तेल के अवशेष राजधानी के कई हिस्सों में फैल गए, जहां लगभग 10 मिलियन लोग रहते हैं।

सांस लेने में कठिनाई

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि बारिश में जहरीले हाइड्रोकार्बन यौगिकों के साथ-साथ सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड भी हो सकते हैं। ये पदार्थ अम्लीय वर्षा का कारण बन सकते हैं और सांस लेने में कठिनाई और त्वचा में जलन सहित स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकते हैं।

घर के अंदर रहने की सलाह

संगठन ने निवासियों को घर के अंदर रहने, घरों के खुले हिस्सों को गीले कपड़े से ढकने और बारिश के पानी से दूषित हुए कपड़ों को हटाने की सलाह दी। साथ ही, वाहनों और इमारतों के बाहरी हिस्सों को धोने की भी सिफारिश की गई ताकि जहरीले अवशेष बाद में हवा में धूल बनकर न फैलें।

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