दमिश्क (एएनआई)। सालों से तनाव और संघर्ष झेल रहे मध्यपूर्वी देश सीरिया में अभी भी लड़ाई थमी नहीं है। बीती सीरिया के ही गोलन हाइट्स में इजरायल सेना और ईरान सेना आमने-सामने आ गए। दरअसल इजरायल ने आरोप लगाया है कि सीरियाई बॉर्डर गोलन हाइट्स पर ईरान ने उनके सैन्य ठिकानों को अपने हमले का निशाना बनाया है।   

सीरिया ने इजरायली मिसाइलों को बनाया निशाना
सीरियाई अरब सेना के वायु सुरक्षा बलों ने सीरियाई बॉर्डर पर इजरायली मिसाइलों को निशाना बनाया। सीरियाई अरब न्यूज एजेंसी ने सेना के अधिकारी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि इसने 10 इजरायली मिसाइलों को मार गिराया है। अधिकारियों ने लोगों को बढ़ते हमलों से बचने का आग्रह किया है

इसके बाद इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने सीरिया में लगभग दर्जनों ईरानी सैनिकों पर हमला किया। सीरिया में कई सालों के तनाव के बाद इजरायल और ईरान के बीच ये सबसे बड़ा टकराव देखा गया है। इजरायली सेना के अनुसार, सीरिया में तैनात ईरानी सेना ने 20 रॉकेट से गोलन में इजरायली सेना पर हमले किये। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने बताया कि हमारी सेना के उपर हमले किये गए और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

नेतन्याहू सरकार ने भी दावा किया है कि सीरिया में उनके सैन्य ठिकानों पर इरान के द्वारा हमला किया गया है। उनका कहना है कि उनके सैन्य ठिकानों पर 20 रॉकेट औऱ मिसाइल दागे गए। आपको बता दें कि ये हमला इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन बेंजामिन नेतन्याहू के रूस दौरे के बीच हुआ है। नेतन्याहू ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर कहा कि इजरायल को ईरान से अपनी सुरक्षा करने का पूरा हक है। 

सीरिया ने लगाया हमले का आरोप

उधर सीरिया की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसकी राजधानी दमिश्क की बाहरी सीमा पर इजरायल ने हवाई हमला किया है जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इसमें असद समर्थक गैर-सीरियाई लड़ाकों सहित आठ ईरानी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा सीरिया ने दो इजरायली मिसाइलों को भी मार गिराने का दावा किया है। सीरिया ने दावा किया है कि उसने अपने विमान रोधी सुरक्षा सिस्टम से दो इजरायली मिसाइलों को मार गिराया है।

रूस दौरे से पहले नेतन्याहू ने कहा

अपने रूस दौरे पर जाने से पहले नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने बार-बार दोहराया है कि, वह ईरान के सीरिया में बढ़ते प्रभाव को 'खतरा' मानता है और वह ईरान को सीरिया में प्रवेश की इजाजत कभी नहीं देगा। जबकि आपको बता दें कि रूस असद सरकार के समर्थन में है। दूसरी तरफ इरान भी असद सरकार के समर्थन में है। साथ ही इजरायली नेता ने रूस से ईरान की सीरिया में मौजूदगी रोकने का भी आग्रह किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सीरिया में विद्रोहियों के खिलाफ असद सरकार 2011 से हमले कर रही है।रूस और ईरान सीधे तौर पर असद सरकार का साथ दे रहे हैं। 

Posted By: Srishti Verma

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