तेल अवीव, एएनआइ। कोरोना के खतरनाक डेल्टा वैरिएंट के संभावित प्रसार को लेकर चिंतित इजरायल सरकार ने देश में फिर से मास्क पहनने की अनिवार्यता को लागू कर दिया है। बता दें कि इजरायल ने मास्क से छूट देने वाला पहला देश होने का दावा किया था। पिछले 10 दिनों में देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद इजरायल सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना फिर से अनिवार्य कर दिया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने बुधवार को कहा था कि अगर एक हफ्ते के लिए हर दिन 100 से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए जाते हैं तो मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया जाएगा। देश में कोरोना के मामलों में तेजी आई है। प्रधानमंत्री ने पीसीआर टेस्टों में वृद्धि करने को भी कहा है। इसके अलावा सरकार ने कहा है कि क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वाले लोगों पर नकेल कसी जाएगी और किशोरों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को 12-15 साल के बच्चों को टीका लगाने की सिफारिश की है।

बेनेट ने कहा, 'हमारा लक्ष्य अब मुख्य रूप से इजरायलियों को डेल्टा संस्करण से बचाना है जो दुनिया भर में व्याप्त है।' बता दें कि अपनी ज्यादातर आबादी को कोरोना का टीका लगा चुके इजरायल में एक बार फिर से कोरोना के मामलों तेजी आई है। करीब एक करोड़ की आबादी वाले देश में 1 करोड़ 7 लाख डोज लगाई जा चुकी हैं। यहां 57 फीसद आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं।

पर्यटकों की एंट्री पर भी लगी रोक

इजरायल ने देश में व्यक्तिगत पर्यटकों के नए सिरे से प्रवेश में विलंब की भी घोषणा की है। इजरायल के पर्यटन मंत्रालय ने हुए कहा कि यह देश की उच्च टीकाकरण दर के बावजूद कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के प्रसार का मुकाबला करने के लिए है और अन्य कदम भी उठाए जा सकते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, दो पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट और एंटी-बॉडी टेस्ट देखने के बाद, इजरायल कुछ देशों के छोटे समूहों को, जो टीके लगवा चुके हैं, उन पर्यटकों को अनुमति देना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि मई के अंत में इजरायल द्वारा एक पायलट कार्यक्रम शुरू करने के बाद से करीब 600 पर्यटक यहां आए हैं।

Edited By: Neel Rajput