इजरायल ने पाकिस्तान को लताड़ा, पाक रक्षा मंत्री के 'कैंसर' वाले बयान की नेतन्याहू कार्यालय ने कड़ी निंदा की
इजरायल ने पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है, यह निंदा पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के विवादास्पद बयान के बाद ...और पढ़ें

पाक रक्षा मंत्री आसिफ के 'कैंसर' वाले बयान की नेतन्याहू कार्यालय ने की कड़ी निंदा (फोटो- एक्स)
HighLights
पाक रक्षा मंत्री ने इजरायल को मानवता के लिए अभिशाप बताया
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल ने पाकिस्तान की कड़ी निंदा की है, जो हाल ही में अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। यह निंदा पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के विवादास्पद बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने इजरायल को 'मानवता के लिए अभिशाप और बुराई', 'कैंसरग्रस्त राज्य' और 'यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने वाला' बताया।
ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, वहीं लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल निर्दोष नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में, रक्तपात लगातार जारी है। मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फलस्तीनी भूमि पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया, वे नरक में जलें।
इस बयान पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि इजरायल के विनाश का उनका आह्वान पूरी तरह निंदनीय है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सकता है, खासकर उस सरकार से जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ बताती है।
पाकिस्तान हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है, जिसे पाकिस्तान ने “ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता” बताया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुद पाकिस्तान को “विश्वसनीय मध्यस्थ” करार दिया था।
लेकिन इजरायल का कहना है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है, जब उसका रक्षा मंत्री इजरायल के अस्तित्व को ही चुनौती दे रहा है। इजरायल ने स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है और हिजबुल्लाह के खिलाफ उसके अभियान जारी रहेंगे।
