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IRGC में 40 साल का करियर, ईरान की बुलंद आवाज... कौन थे अली मोहम्मद नैनी जिनकी इजरायली हमले में हुई मौत?

Published: Fri, 20 Mar 2026 05:27 PM (IST)

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की अमेरिका-इजरायली हमले में मौत हो गई है। IRGC ने कहा ...और पढ़ें

HighLights

  1. ईरान के IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत।

  2. नैनी 2024 से IRGC के प्रवक्ता और प्रमुख रणनीतिकार थे।

  3. उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भाग लिया, 40 साल का सैन्य करियर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग जारी है। इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका-इजरायली हमलों में उनके प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी मारे गए हैं।

IRGC ने एक बयान में कहा कि जनरल नैनी सुबह से समय अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए आपराधिक कायरतापूर्ण और आतंकवादी हमले में मारे गए।

कौन थे अली मोहम्मद नैनी?

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी के पास सेंकेंड ब्रिगेडियर जनरल का पद था और वे 2024 से IRGC के प्रवक्ता थे। जनरल नैनी ने IRGC के प्रवक्ता के तौर पर ब्रिगेडियर जनरल रमजान शरीफ की जगह ली थी और उन्हें कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी ने इस पर नियुक्त किया था। जनरल नैनी को IRGC के मनोवैज्ञानिक अभियानों, सॉफ्ट पावर और कॉग्निटिव वॉरफेयर के टॉप एक्सपर्ट्स में से एक माना जाता था।

IRGC में 40 साल का करियर

जनरल नैनी को सेना में काम करने का 40 साल का अनुभव था, उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में भी हिस्सा लिया था। अपने पूरे करियर में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया, जिनमें IRGC के सांस्कृतिक उप-प्रमुख और बसीज के सांस्कृतिक और सामाजिक उप-प्रमुख के पद शामिल हैं। 2024 में जब तेहरान ने इजरायल पर हमला किया तो ब्रिटेन ने जिन वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए थे, जनरल नैनी उनमें से एक थे।

Ali Mohammad Naini timesofisrael

ईरान का प्रमुख चेहरा

युद्ध के बीच जनरल नैनी ईरान के प्रमुख चेहरों में एक बने रहे, जिन्होंने दुनिया के सामने अपने देश का पक्ष स्पष्ट रूप से रखा। जनरल नैनी ने 28 फरवरी को कहा था कि जिस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, हम इस तरह की स्थिति के लिए तैयार हैं। 12 दिन के इस युद्ध ने साबित कर दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प एक विफलता है और हमारी सेनाएं ही युद्ध का परिणाम तय करती हैं।

जनरल नैनी की मौत उस दिन के ठीक एक दिन बाद हुई, जब उन्होंने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक सार्वजनिक संदेश जारी करते हुए फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना को चुनौती दी थी।

उन्होंने बार-बार यह भी कहा था कि इस संघर्ष का ईरान के मिसाइल उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है और यहां तक दावा किया था कि तेहरान के पास ऐसे हथियार हैं, जिन्हें 12 दिनों के युद्ध के बाद तैयार किया गया है।

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