बगदाद, एजेंसियां। देशभर में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया। रविवार को संसद सत्र के दौरान सांसद तय करेंगे कि इस्तीफे पर मतदान कराया जाए या फिर इसे स्वीकार कर लिया जाए। पहले से रिकॉर्ड किए गए भाषण में प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और कहा कि ये काम कठिन समय में किए गए। इससे पहले राजधानी बगदाद समेत कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर जारी रहा।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम पूरे सरकारी तंत्र में आमूल-चूल परिवर्तन चाहते हैं। सभी भ्रष्ट नेताओं के हटने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल चुका

सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ बगदाद में अक्टूबर के प्रारंभ से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुका है। करीब दो माह से जारी विरोध प्रदर्शनों ने कई बार ¨हसक रूप भी ले लिया। सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में अब तक 420 से ज्यादा लोग मारे गए और करीब 15 हजार घायल हुए।

सुरक्षा बलों की फायरिंग में दर्जनों लोग मारे गए

बगदाद, शिया समुदाय के पवित्र शहर नजफ और प्रधानमंत्री अदेल के जन्मस्थान नसीरिया में इस हफ्ते उग्र प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की फायरिंग में दर्जनों लोगों की जान चली गई। विरोध प्रदर्शनों के चलते बढ़ते दबाव और शिया धर्म गुरु अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी की अपील पर प्रधानमंत्री अदेल ने शुक्रवार को यह एलान किया था कि वह संसद को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

संसद की कार्यवाही रविवार से शुरू होने वाली है, लेकिन इस एलान के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। वे शासन व्यवस्था में पूरे बदलाव की मांग पर अड़े रहे। दिवानिया शहर में शनिवार को जमा हुए हजारों प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'हम इस आंदोलन को जारी रखेंगे। अदेल का इस्तीफा महज पहला कदम है और अब सभी भ्रष्ट नेताओं को हटना होगा।' नसीरिया के सिटी सेंटर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जुटे और शहर के तीन पुलों पर टायर फूंककर अपने इरादे को जाहिर किया।

झड़पों से दहला कर्बला

इराक के पवित्र शहर कर्बला में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें होती रहीं। इस दौरान बम धमाकों और गोलियों की आवाज भी सुनाई दी। जबकि नजफ में शनिवार को शांति रही। इस शहर में गत बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने ईरान के वाणिज्य दूतावास को फूंक दिया था।

जांच के लिए बनाई गई समिति

इराक की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने शनिवार को यह एलान किया कि मामले की तह में जाने के लिए एक समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। परिषद ने यह वादा भी किया है कि प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वालों को दंडित किया जाएगा।

पीएम बनने की दौड़ में जिदान भी

सर्वोच्च न्यायिक परिषद की जांच समिति में चीफ जस्टिस फेक जिदान भी हैं। जिदान का नाम उन लोगों में बताया जा रहा है, जो अदेल की जगह लेने की दौड़ में बताए जा रहे हैं।

Posted By: Ramesh Mishra

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