यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इराक में 9 साल की बच्चियों से भी कर सकेंगे शादी, कानून में संशोधन करने की तैयारी; रिपोर्ट में खुलासा
Iraq इराक में लड़कियों की शादी की उम्र नौ साल करने की तैयारी है। वहां की गठबंधन सरकार विवाह कानूनों ...और पढ़ें

HighLights
- विवाह कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है इराक सरकार।
- महिलाओं के तलाक, बच्चे की कस्टडी और विरासत के अधिकारों को भी समाप्त कर दिया जाएगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इराकी सरकार देश में विवाह कानून में संशोधन करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत लड़कियों की शादी की उम्र नौ साल कर दी जाएगी। संशोधन के बाद पुरुषों को नौ साल की उम्र तक की लड़कियों से शादी करने की अनुमति होगी।
यूके मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार विवाह कानून के साथ महिलाओं को तलाक, बच्चों की देखभाल और विरासत के अधिकार से वंचित करने के लिए भी संशोधन प्रस्तावित हैं। विधेयक में नागरिकों को पारिवारिक मामलों पर निर्णय लेने के लिए धार्मिक प्राधिकारियों या सिविल न्यायपालिका में से किसी एक को चुनने की भी अनुमति होगी।
मुस्लिम दलों के गठबंधन का प्रभुत्व
टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार इराक की संसद, जिसमें रूढ़िवादी शिया मुस्लिम दलों के गठबंधन का प्रभुत्व है, एक संशोधन के माध्यम से मतदान करने की तैयारी कर रही है जो देश के 'व्यक्तिगत स्थिति कानून' को पलट देगा। यह कानून, जिसे कानून 188 के रूप में भी जाना जाता है, को मध्य पूर्व में सबसे प्रगतिशील में से एक के रूप में घोषित किया गया था, जब इसे 1959 में पेश किया गया था और यह इराकी परिवारों के मामलों को नियंत्रित करने वाले नियमों का एक व्यापक सेट प्रदान करता है, चाहे उनका धार्मिक संप्रदाय कुछ भी हो।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित संशोधन विवाह की कानूनी आयु को कम करने के साथ-साथ, महिलाओं के तलाक, बच्चे की कस्टडी और विरासत के अधिकारों को भी समाप्त कर देगा। गौरतलब है कि इराक में पहले से ही बाल विवाह की उच्च दर है और यह विशेष रूप से गरीब, अति-रूढ़िवादी शिया समुदायों में व्यापक है।
सरकार ने बताया इस्लामी कानून के अनुरूप
शासी गठबंधन का कहना है कि यह कदम इस्लामी कानून की सख्त व्याख्या के अनुरूप है और इसका उद्देश्य युवा लड़कियों को "अनैतिक संबंधों" से बचाना है। कानून 188 में संशोधन का दूसरा हिस्सा 16 सितंबर को पारित किया गया। टेलीग्राफ के अनुसार यह पहली बार नहीं है, जब इराक में शिया दलों ने व्यक्तिगत स्थिति कानून में संशोधन करने की कोशिश की है। इसे बदलने के प्रयास 2014 और 2017 में विफल रहे थे, जिसका मुख्य कारण इराकी महिलाओं की प्रतिक्रिया थी।
हालांकि, अब गठबंधन के पास एक बड़ा संसदीय बहुमत है और वह संशोधन को आगे बढ़ाने के कगार पर है। एक वरिष्ठ शोध साथी डॉ रेनाड मंसूर ने टेलीग्राफ को बताया, 'यह अब तक का सबसे करीबी है। इसमें पहले से कहीं अधिक गति है, मुख्य रूप से शिया पार्टियों की वजह से।' उन्होंने कहा, 'यह सभी शिया पार्टियों के लिए नहीं है, यह केवल कुछ विशिष्ट पार्टियों के लिए है जो सशक्त हैं और वास्तव में इसे आगे बढ़ा रही हैं।'
'वैचारिक वैधता पुन: प्राप्त करने का तरीका'
डॉ रेनाड ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन शिया इस्लामवादी समूहों द्वारा अपनी शक्ति को मजबूत करने और वैधता हासिल करने के लिए एक व्यापक राजनीतिक कदम का हिस्सा था। उन्होंने द टेलीग्राफ से कहा, 'धार्मिक पक्ष पर जोर देना उनके लिए वैचारिक वैधता को पुनः प्राप्त करने का एक तरीका है, जो पिछले कुछ वर्षों में कम होती जा रही है।'
