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1980 के बाद जंग की लपटों के बीच ईरानियों का दर्दनाक नववर्ष, ऐसे मनाया गया नौरोज

Published: Sat, 21 Mar 2026 03:57 PM (IST)Updated: Sat, 21 Mar 2026 05:21 PM (IST)

ईरान 1980 के दशक के बाद पहली बार युद्ध के बीच पारसी नववर्ष 'नौरोज' मना रहा है। अमेरिकी और इजरायली ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान 1980 के दशक के बाद पहली बार युद्ध के समय में पारसी नववर्ष 'नौरोज' मना रहा है। उस समय पड़ोसी देश इराक ने उस पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप आठ वर्षों तक युद्ध चला था।

शुक्रवार और आने वाले दिनों में होने वाले उत्सवों की तैयारियों के बीच, तेहरान और पूरे देश के स्थानीय बाजारों तथा दुकानों पर लोग फूलों की खरीदारी करने और एक-दूसरे को बधाई देने के लिए कतारों में खड़े दिखे। यह सब तब हुआ जब रात भर और फिर दिन भर रुक-रुककर अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमानों द्वारा भारी बमबारी की जा रही थी।

ईरान में ऐसे मनाया गया नौरोज

तेहरान में नए साल की शुरुआत के बाद कुछ एयर डिफेंस बैटरियों ने कई मिनटों तक रुक-रुककर गोलियां चलाईं। ऐसा लगता है कि यह जश्न मनाने का एक तरीका था। कुछ लोगों ने अपनी खिड़कियों और छतों से खुशी मनाई, जबकि कुछ अन्य लोग "तानाशाह की मौत हो" के नारे लगा रहे थे।

समय-समय पर होती रही बमबारी

शुक्रवार को दोपहर में वसंत की बारिश होने के कारण सड़कों पर कुछ ट्रैफिक था, लेकिन शहर अभी भी अपनी सामान्य हलचल से कोसों दूर था, क्योंकि लड़ाकू विमान और ड्रोन आसमान को चीरते हुए समय-समय पर बमबारी करते रहे।

पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए ईरान के 31 प्रांतों में कई परिवारों ने कल अपने प्रियजनों की कब्रों पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कुछ लोग सजावट करते हुए तो कुछ कब्रों को साफ करते हैं और रंग-बिरंगे फूल चढ़ाते दिखे।

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