फ्लाइट से आधे सफर के बाद ट्रेन-बस से लौटे घर, इस्लामाबाद वार्ता के बाद ईरानी डेलीगेशन को था किस बात का डर?
इस्लामाबाद से लौटे ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे का दावा किया है। वार्ता के बाद, उन्होंने ...और पढ़ें
HighLights
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद से लौटते समय खतरे का दावा किया
सीधी उड़ान के बजाय बस और ट्रेन से तेहरान लौटे
अमेरिका पर अविश्वास, हमले की सीधी धमकियां मिलीं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका और ईरान युद्ध को स्थायी तौर पर रोकने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी सुरक्षा को लेकर कई बड़े दावे किए है।
ईरानी राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद मरांडी ने लेबनान के न्यूज आउटलेट 'अल-मयादीन' को बताया कि कड़ी सावधानी के साथ वे लोग वापस ईरान आए हैं। जिसमें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल थे। उन्होंने बीच रास्ते में ही अपनी फ्लाइट बदल ली और तेहरान पहुंचने के लिए बस और ट्रेन का सहारा लिया।
सीधे तौर पर मिल रही थी धमकी
तेहरान यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर मरांडी ने कहा कि वे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद गए थे। वार्ता असफल होने के बाद जब वे लोग पाकिस्तान से लौट रहे थे, तब उन लोगों ने खुद को गंभीर खतरे में महसूस किया। उन्होंने आगे बताया कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत के लिए जाते समय भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल को सीधे तौर पर सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा, "इस्लामाबाद जाते समय हमें सीधे तौर पर धमकियां मिली थी कि हमारे विमान पर हमला हो सकता है।"
इसीलिए उन्होंने तेहरान लौटते समय चुपके से विमान बदल लिया। राजनीतिक विश्लेषक ने बताया कि इसके बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विमान अचानक अपना रास्ता बदलकर ईरान के शहर मशहद में आपातकालीन लैंडिंग के लिए उतर गया, और वहां से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने ट्रेन, कार और बस से तेहरान तक का अपना सफर जारी रखा।
मरांडी ने मंगलवार को 'अल-मयादीन' से कहा, "हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं है, और हम युद्ध के अगले दौर के लिए खुद को तैयार करने में भी बहुत व्यस्त हैं।" उन्होंने आगे कहा कि, "ईरान हमेशा से जानता था कि अमेरिका धोखेबाज है, और यह भी जोड़ा कि जब हम बातचीत की मेज पर बैठे होते हैं, तब भी वे अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत कर रहे होते हैं।"
ईरान-अमेरिका के बीच फिर शुरू होगी बातचीत
रॉयटर्स ने पाकिस्तानी और ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत हो सकती है। उनके प्रतिनिधिमंडल इस हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान लौट सकते हैं, ताकि मध्य-पूर्व में युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू की जा सके। हालांकि, इन योजनाओं के बारे में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई है; इन योजनाओं पर ईरानी और पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।
