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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

...तो बच जाती हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की जान, अगर मान लेता खामेनेई की ये बात; मोसाद ने कैसे फेल किया प्लान?

Published: Fri, 04 Oct 2024 09:22 AM (IST)Updated: Fri, 04 Oct 2024 10:23 AM (IST)

Israel-Iran Tension हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के आठ दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। इजरायली एयर स्ट्राइक से ...और पढ़ें

नसरल्लाह की मौत के बाद बड़ा खुलासा।
नसरल्लाह की मौत के बाद बड़ा खुलासा।

HighLights

  1. हिजबुल्लाह और ईरान में मोसाद की दहशत।
  2. इजरायल ने खामेनेई के भरोसेमंद को मारा।
  3. 80 टन बारूद से ली थी नसरल्लाह की जान।

एजेंसी, बेरूत। 27 सितंबर को इजरायल ने हिजबुल्लाह चीफ सैय्यद हसन नसरल्लाह को मौत के घाट उतारा था। मगर अब एक नई जानकारी सामने आ रही है। अगर नसरल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की बात मान ली होती तो शायद उसकी जान बच जाती। मगर इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को इसकी भनक लग गई। मोसाद की सटीक जानकारी के बाद इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया में स्थित हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर भीषण बमबारी का फैसला किया था।

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लेबनान से भागने की दी सलाह

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को तीन ईरानी सूत्रों ने जानकारी दी कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायली हमले से कुछ दिन पहले ही हसन नसरल्लाह को लेबनान से भाग जाने की सलाह दी थी। अगर नसरल्लाह उनकी सलाह मान लेता तो शायद जान बच जाती। 17 सितंबर को लेबनान में पेजर हमले ने खामनेई को हैरत में डाल दिया था। इसके बाद उन्होंने तुरंत ईरान से एक दूत भेजा और हसन नसरल्लाह को तुरंत ईरान आने की सलाह दी।

दूत ने बताया इजरायली प्लान

खामनेई के दूत ने नसरल्लाह को बताया कि हिजबुल्लाह के भीतर इजरायली एजेंट मौजूद हैं। वह तुम्हें मारने का प्लान बना रहा है। दरअसल, खामनेई ने जिस दूत को नसरल्लाह के पास लेबनान भेजा था, उसका नाम अब्बास निलफोरुशन था। अब्बास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर में वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल के पद पर तैनात था। अब्बास ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई का भरोसेमंद सैन्य सलाहकार था।

इजरायल ने नसरल्लाह के साथ दूत को भी नहीं छोड़ा

बेरूत स्थित हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर नसरल्लाह और अब्बास निलफोरुशन के बीच बैठक चल रही थी। इसकी सटीक जानकारी मोसाद को लगी। मोसाद ने इजरायली सेना को ऑपरेशन के लिए अलर्ट किया। कुछ ही देर में इजरायली एयरफोर्स ने करीब 80 टन बारूद से हिजबुल्लाह के मुख्यालय को जमींदोज कर दिया। इस हमले में नसरल्लाह के साथ खामनेई का सबसे भरोसेमंद सैन्य सलाहकार अब्बास निलफोरुशन भी मारा गया।

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