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ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ सीधी बैठक से किया इनकार, अब क्या करेगा पाकिस्तान? मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार

Published: Sat, 25 Apr 2026 06:37 AM (IST)

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास ...और पढ़ें

ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ सीधी बैठक से किया इनकार (फोटो- रॉयटर)

ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ सीधी बैठक से किया इनकार (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. ट्रंप ने विटकॉफ-कुशनर को पाकिस्तान भेजा है

  2. ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से बातचीत पर जोर दिया

एएनआई, तेहरान। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के दौरे पर हैं। उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं जिनमें उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार तथा सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शामिल हैं से मुलाकात की है।

अटकलें लगाई जा रही थीं कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में सीधी बातचीत हो सकती है। लेकिन ईरान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष बैठक होने से साफ इनकार कर दिया है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची केवल पाकिस्तानी उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, न कि अमेरिकी पक्ष के साथ।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अराघची इस्लामाबाद पहुंचे। उनका स्वागत उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

ट्रंप ने विटकॉफ-कुशनर को पाकिस्तान भेजा

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान को मध्यस्थता का केंद्र बनाते हुए तेज कदम उठाए हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर शनिवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे। वे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करेंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जरूरत पड़ने पर शामिल हो सकते हैं।

पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में उभरा है। इशाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अराघची के साथ मुलाकात में युद्धविराम, क्षेत्रीय स्थिरता और लंबित मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति के लिए निरंतर संवाद पर जोर दिया।