विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पाक में वार्ता से पहले क्या ईरान में हो गया तख्तापलट? होर्मुज पर अराघची के फैसले को मेजर वाहिदी ने पलटा

Published: Mon, 20 Apr 2026 08:46 PM (IST)

ईरान की कमान अब इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में है, जिसमें मेजर जनरल अहमद वाहिदी सबसे ताकतवर ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान की कमान पूरी तरह से इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हाथों में आ गई है। इस सेना के कमांडर मेजर जनरल अहमद वाहिदी ईरान के सबसे ताकतवर लीडर के तौर पर सामने आ रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बाद ईरान में सत्ता का ये बड़ा परिवर्तन नजर आ रहा है। ईरान के कई फैसले अहमद वाहिदी ही ले रहे हैं और इन फैसलों पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने चुप्पी साधी हुई है।

मेजर वाहिदी के पास ईरान की पावर

न्यूयॉर्क पोस्ट और अमेरिकी थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि IRGC के साथ ही अब ईरान के फैसलों को भी जनरल वाहिदी ही कमांड कर रहे हैं।

ईरान में इस सत्ता परिवर्तन का असर होर्मुज पर हुए फैसले से सामने आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर दोबारा पूरी तरह खोलने के लिए राजी हो गए थे, लेकिन मेजर वाहिदी ने अराघची के इस फैसले को पलट दिया है।

अहमद वाहिदी के आदेश पर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। ईरान ने बीते 48 घंटों में इस जलमार्ग से गुजरने वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया है, जिससे इस समुद्री मार्ग में फिर एक बार तनाव बढ़ गया है।

IRGC के कमांडर के इस फैसले से होर्मुज में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं। समुद्री ट्रैकिंग डेटा की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ी है।

पाकिस्तान में दोबारा होगी शांति-वार्ता?

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की डेडलाइन मंगलवार, 21 अप्रैल को खत्म हो रही है। इस बीच अमेरिका-ईरान के बीच एक बार पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति-वार्ता हुई, जिसमें कोई हल नहीं निकल सका।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में बताया था कि फिर एक बार पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत हो सकती है, लेकिन IRGC की तरफ से दोबारा होने वाली बैठक को लेकर कोई सहमति अभी तक नहीं दी गई है।

ईरानी मीडिया में यह भी हलचल तेज है कि ईरान ने अमेरिका के साथ दोबारा होने वाली बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, क्योंकि अब ईरान में सत्ता परिवर्तन की वजह से कमांड IRGC के पास चली गई है।

यह भी पढ़ें- होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग मामला: भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा- स्थिति पर हमारी नजर

यह भी पढ़ें- युद्ध के बाद ईरान में हवाई यात्रा बहाल, फिर शुरू हुआ इमाम खुमैनी और मेहराबाद एयरपोर्ट; पैसेंजर फ्लाइट्स को मंजूरी