तेहरान, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय दबावों में घिरे ईरान ने मंगलवार को बताया कि उसने यूक्रेन के विमान को गलती से मार गिराए जाने के मामले में कुछ संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी सामने आने के कुछ देर पहले ही राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा था कि विमान हादसे से जुड़े सभी लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।

ईरान के कानून मंत्रालय के प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइल ने कहा कि इस मामले में व्यापक जांच की गई और हादसे के जिम्मेदार कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि उन्होंने ना तो उनकी पहचान बताई है और ना ही पकड़े गए लोगों की संख्या की जानकारी दी है। हालांकि इस घटना के विरोध में तेहरान में प्रदर्शन कर रहे 30 लोगों को भी गिरफ्तार करने की उन्होंने जानकारी दी। ब्रिटिश राजदूत की गिरफ्तारी पर इस्माइल ने कहा कि प्रदर्शन में रोब मकायर को नहीं जाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के तहत उनके दायित्व स्पष्ट हैं। उन्होंने देश में होने वाले प्रदर्शनों से ब्रिटिश राजदूत को दूर रहने को कहा है।

सिर्फ बटन दबाने वाला व्यक्ति ही जिम्मेदार नहीं

उधर, मंगलवार को टीवी पर संबोधन में राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि वैसे तो सभी दु:खों की जड़ अमेरिका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हादसे के मूल कारण पर ध्यान नहीं दें। इस मामले में बटन दबाने वाला व्यक्ति ही सिर्फ जिम्मेदार नहीं है, बल्कि उसके पीछे और लोग भी हैं।' उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में न्यायपालिका को विशेष अदालत का गठन करना चाहिए, जिसमें वरिष्ठ न्यायाधीश और दर्जनों विशेषज्ञ शामिल हों। क्योंकि दुनिया इसे देख रही होगी। सरकार ईरानियों और उन देशों के प्रति जवाबदेह है, जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए हैं।

मारे गए थे 176 यात्री और क्रू के सदस्य 

बता दें कि पिछले बुधवार को तेहरान से उड़ान भरने के बाद यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के एक विमान को मिसाइल से मार गिराया गया था, जिसमें विमान में सवार 176 यात्री और क्रू के सदस्य मारे गए थे। अमेरिकी खुफिया जानकारी के आधार पर पश्चिमी देशों के विमान को मार गिराने केआरोपों से ईरान कई दिनों तक इन्कार करता रहा, लेकिन गत शनिवार को उसने स्वीकार कर लिया कि विमान को उसी ने मार गिराया था।

कल लंदन में मिलेंगे प्रभावित देश

यूक्रेन के विदेशमंत्री वादिम प्राइसटाइको ने कहा कि जिन पांच देशों के नागरिक इस विमान हादसे में मारे गए हैं उनकी गुरुवार को एक बैठक होगी। लंदन में होने वाली इस बैठक में तय किया जाएगा कि इस संबंध में कार्रवाई के लिए कानूनी सहित कौन-कौन से कदम उठाए जा सकते हैं।

सुलेमानी पर हमले से पहले अमेरिका ने हमें नहीं बताया: कनाडा

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा है कि अगर क्षेत्र में तनाव नहीं होता तो हादसे में मारे गए सभी लोग जीवित होते। उन्होंने कहा कि सुलेमानी पर हमला करने से पहले अमेरिका ने हमें विश्वास में नहीं लिया। यह ठीक है कि अमेरिका कार्रवाई को लेकर दृढ़प्रतिज्ञ था, लेकिन बड़े मुद्दों पर हम एक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तौर पर काम करते हैं। हालांकि कभी-कभी देश अपने सहयोगियों को सूचित किए बिना कार्रवाई करते हैं। बता दें कि इस विमान हादसे में कनाडा के 57 नागरिक मारे गए हैं।

कनाडा के दो जांचकर्ता तेहरान पहुंचे

ईरान ने हादसे की जांच में हिस्सा लेने के लिए कनाडा, फ्रांस, यूक्रेन और अमेरिका के विशेषज्ञों को बुलाया है। कनाडा के दो जांचकर्ता तो सोमवार को तेहरान पहुंच भी गए। आने वाले दिनों में दो और जांचकर्ताओं के आने के उम्मीद है।

Posted By: Manish Pandey

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