विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सीजफायर के बाद ईरान की वॉर्निंग- बिना अनुमति होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को उड़ा देंगे

Published: Wed, 08 Apr 2026 07:28 PM (IST)Updated: Wed, 08 Apr 2026 07:37 PM (IST)

ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों बाद सीजफायर पर सहमति बनी, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला दो ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों के बाद सीजफायर पर आखिरकार सहमती बन गई है। बुधवार को ट्रंप की डेडलाइन से पहले ईरान ने 10 सूत्रीय योजना की पेशकश की, जिस पर अमेरिका राजी हो गया। सीजफायर समझौते में एक बिंदु यह भी था कि युद्धविराम तभी होगा जब होर्मुज स्ट्रेट को पहले की तरह खोल दिया जाएगा

इन सबके बीच ईरानी नौसेना ने फिर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मौजूद जहाजों को चेतावनी जारी की है। IRGC ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के लिए उन्हें अभी भी ईरान की अनुमति  लेनी पड़ेगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने रेडियो के जरिए जाहाजों को चेतावनी दी कि बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा।

Strait of Hormuz (4)

होर्मुज पर ईरान की धमकी 

रेडियो संदेश में कहा गया, 'जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए आपको ईरानी सेपाह नौसेना से अनुमति लेनी होगी। अगर कोई जहाज बिना अनुमति के गुजरने की कोशिश करता है, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा।'

यह संदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ईरान पर हमले दो हफ्तों के लिए तभी रोकेंगे, जब जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोला जाएगा।

PTI03_16_2026_000347A

समझौते में क्या था?

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि चालक दल द्वारा शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में ज्यादातर जहाज रुके हुए हैं, ईरान अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है। इसीलिए उसने फारसी खाड़ी के ऊपर अभी भी लड़ाकू विमान तैनात किए हुए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच पानी की सिर्फ़ 34 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा समुद्री रास्ता है, जो खाड़ी से हिंद महासागर तक जाने का रास्ता देता है और दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति और उर्वरक सहित अन्य जरूरी सामानों का मुख्य रास्ता है।

यह भी पढ़ें: सीजफायर के बाद ट्रंप का टैरिफ अटैक, ईरान को हथियार देने वाले देशों पर लगेगा 50% अधिक शुल्क