'ईरान का हाथ, कहां थी मोसाद'? फ्लाईदुबई विमान घटना के बाद उठ रहे बड़े सवाल
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। ...और पढ़ें

इजरायल ने इस घटना को जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश बताया (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
इजरायल ने इस घटना को जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश बताया
हिंसक झड़प के दौरान विमान यात्रियों की मदद से हमलावर पर पाया गया काबू
33 हजार फीट की ऊंचाई पर था विमान, 30 सेकेंड में 17 हजार फीट पर आया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को हुई घटना ने पूरे मध्य पूर्व में सनसनी फैला दी है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान को क्रैश करने की कोशिश की। यात्रियों और क्रू की बहादुरी से बड़ी आपदा टल गई और विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा घटना करार दिया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस घटना को "जिहादी आतंकवादी हमले की कोशिश" बताया और दावा किया कि इसे इजरायली यात्रियों ने नाकाम कर दिया। यात्रियों ने काकपिट में घुसकर कथित हमलावर को काबू में किया और विमान का नियंत्रम दूसरे क्रू मेंबर को सौंपने में मदद की।
उन्होंने एक बयान में कहा, "हमारे पास मौजूद शुरुआती जानकारी के मुताबिक आतंकवादी का मकसद सिर्फ एक था- सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करना।"
घटना के बाद सोशल मीडिया और कुछ सुरक्षा विश्लेषकों में सवाल उठने लगे हैं। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह हमला किसी बड़े देश की साजिश का हिस्सा हो सकता है?
क्या इस घटना में ईरान का हाथ है
कुछ टिप्पणियों में कहा जा रहा है कि सिर्फ ईरान ही ऐसा कर सकता था। वहीं दूसरी तरफ सवाल यह भी है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद क्या इस साजिश के बारे में पहले से कुछ जानती थी या बेबस होकर सिर्फ देखती रही?
अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने ईरान या किसी अन्य देश की सीधी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। जांच सऊदी अरब, इजरायल और अन्य संबंधित देशों के सहयोग से चल रही है। मोसाद, शिन बेट और आईडीएफ इस घटना को आतंकी हमले के रूप में जांच रहे हैं।
