इजरायल के 'लिटिल इंडिया' में ईरान का हमला, गुलाब जामुन-पापड़ी चाट के लिए मशहूर है डिमोना; क्या-क्या हुआ नुकसान?
ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर मिसाइल हमला किया, जिसे नतांज परमाणु केंद्र पर हमले का जवाब बताया जा ...और पढ़ें
HighLights
ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर मिसाइल हमला किया।
'लिटिल इंडिया' डिमोना में 47 लोग घायल, भारतीय मूल के लोग।
हमले से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा, संघर्ष की आशंका।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना पर मिसाइल हमला किया, जिसे नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब बताया जा रहा है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और खास बात यह है कि डिमोना को 'लिटिल इंडिया' भी कहा जाता है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं।
डिमोना क्यों है 'लिटिल इंडिया'?
डिमोना शहर में करीब 7500 भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो यहां की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हैं। यही वजह है कि इसे 'लिटिल इंडिया' कहा जाता है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग महाराष्ट्र से जुड़े यहूदी समुदाय के हैं।
शहर में भारतीय खाने-पीने की चीजें जैसे सोनपपड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपुरी आसानी से मिलती हैं और मराठी भाषा भी खूब बोली जाती है। क्रिकेट यहां काफी लोकप्रिय है और भारतीय संस्कृति की झलक त्योहारों और आयोजनों में साफ दिखाई देती है।
क्या-क्या हुआ नुकसान?
शनिवार को ईरान ने डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इस हमले में कम से कम 47 लोग घायल हुए, जिनमें एक 12 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल है। इसके अलावा कई लोगों को मामूली चोटें आईं और कुछ लोग डर व तनाव की वजह से अस्पताल पहुंचे। इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल को रोकने में नाकाम रही, जिसकी जांच की जा रही है।
बता दें, डिमोना नेगेव रेगिस्तान के पास स्थित है, जहां इजरायल का शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र मौजूद है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी ने कहा है कि इस हमले से परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है। ईरान ने इस हमले को नतांज परमाणु केंद्र पर हुए अमेरिका-इजरायल हमले का जवाब बताया है, जबकि इजरायल ने उस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में बड़े संघर्ष का संकेत दे सकते हैं, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
