विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेरिकी हमलों के 8 महीनों बाद ईरान को मिला नया रक्षा मंत्री, अखलाघी के पक्ष में पड़े 237 वोट

Published: Sun, 18 Oct 2026 05:26 PM (IST)

ईरानी सांसदों ने मेहरदाद अखलाघी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।

अमेरिकी हमलों के 8 महीनों बाद ईरान को मिला नया रक्षा मंत्री। (रॉयटर्स)

अमेरिकी हमलों के 8 महीनों बाद ईरान को मिला नया रक्षा मंत्री। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. ईरानी सांसदों ने मेहरदाद अखलाघी को नया रक्षा मंत्री चुना।

  2. पूर्व मंत्री की अमेरिकी हमलों में मौत के बाद नियुक्ति।

  3. अखलाघी को संसद में 237 वोटों का समर्थन मिला।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरानी सांसदों ने रविवार को मेहरदाद अखलाघी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त करने को मंजूरी दे दी। वे अपने पूर्ववर्ती की जगह लेंगे, जिनकी अमेरिका के साथ युद्ध के पहले दिन ही मौत हो गई थी।

सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत करने वाले अमेरिकी-इजरायली हमलों के लगभग आठ महीने बाद, इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली (संसद) के सदस्यों ने रक्षा और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स मंत्री के लिए नामित मेहरदाद अखलाघी के पक्ष में विश्वास मत दिया।

अखलाघी के पक्ष में 237 वोट पड़े

सरकारी वेबवाइट के अनुसार, कुल 277 वोटों में 237 वोट अखलाघी के पक्ष में पड़े, जिससे वे इस पद के लिए चुने गए।

करीब 8 महीने बाद ईरान को मिला नया रक्षा मंत्री

यह अनुभवी रक्षा अधिकारी अजीज नासिरजादेह की जगह लेंगे, जिसकी 28 फरवरी को एक लीडरशिप कंपाउंड पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में मौत हो गई थी। उस हमले में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी मारे गए थे।

ISNA समाचार एजेंसी के अनुसार, मतदान से पहले अखलाघी ने कहा कि अगर मुझे संसद का विश्वास मत मिलता है, तो एक बेदह संवेदनशील मोड़ पर रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आएगी।

भविष्य की स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना जरूरी- अखलाघी

उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में देश की रक्षा करने के लिए मौजूदा माहौल की सही समझ, घटनाओं के पीछे के तर्क को समझना, अहम रुझानों की पहचान करना और भविष्य में सामने आ सकने वाली विभिन्न स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना जरूरी है।

हालांकि, उनके पास कोई सैन्य रैंक नहीं है, लेकिन अखलाघी ने 42 सालों तक रक्षा मंत्रालय में काम किया है। 2013 से वे ईरान के हथियार निर्माता संगठन ईरानी रक्षा उद्योग संगठन के प्रमुख रहे। संयुक्त राष्ट्र ने 2007 में अखलाघी पर प्रतिबंध लगाए थे, क्योंकि उन पर परमाणु या बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।

(समाचार एजेंसी एएफपी के इनपुट के साथ)