सऊदी अरब में फंसे भारतीयों की मदद के लिए एयरलाइंस के संपर्क में भारतीय दूतावास, MEA ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों से संपर्क साधा है।

सऊदी अरब में फंसे भारतीयों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, रियाद। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया है कि रियाद में भारतीय दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास, सऊदी अरब में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एयरलाइनों और टूर ऑपरेटरों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
यह आश्वासन दम्मम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की दुखद घटना के बाद सामने आया है। वर्तमान में विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन वहां फंसे नागरिकों को हरसंभव सहायता प्रदान करने में जुटे हैं।
3 हजार तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौटे
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि पिछले एक हफ्ते के भीतर सऊदी अरब में फंसे करीब 3,000 उमराह तीर्थयात्री उपलब्ध उड़ानों के जरिए सकुशल भारत लौट आए हैं। इसके अलावा, 10,000 से अधिक अन्य उमराह तीर्थयात्री भी, जिनकी पहले से बुकिंग तय थी, पिछले एक हफ्ते भारत वापस आ चुके हैं।
प्रवक्ता ने यह भी आश्वस्त किया कि जो तीर्थयात्री अभी भी वहां फंसे हुए हैं, उनकी सुरक्षित और शीघ्र वापसी के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने की थी अपील
इससे पहले, AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि भारत से गए करीब 4,000 तीर्थयात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए एयरलाइनों ने सऊदी अरब के शहरों के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं।
ओवैसी ने एक्स पर तीन प्रमुख एयरलाइनों और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को टैग करते हुए मांग की थी कि डीजीसीए को एयरलाइनों को बड़े विमानों के इस्तेमाल की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि यदि ऐसा संभव न हो, तो फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए विशेष उड़ानों की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए।
ओवैसी ने आरोप लगाया था कि भारतीय तीर्थयात्रियों को उनके ट्रैवल एजेंटों ने बीच मझधार में छोड़ दिया है, जिस पर तुरंत एक्शन लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने इस सिलसिले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और विदेश सचिव विक्रम मिसरी को भी टैग किया था।
कंट्रोल रूम सक्रिय
विदेश मंत्रालय ने बताया कि सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास, स्थानीय सामुदायिक स्वयंसेवकों की मदद से प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता मुहैया करा रहे हैं। तीर्थयात्रियों की सहूलियत के लिए 24x7 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और नियमित रूप से जरूरी एडवाइजरी जारी की जा रही हैं।
भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
रियाद में भारतीय दूतावास:
टेलीफोन: +966-554412016, +966-542126784
टोल-फ्री: 8002471234 (केवल KSA के भीतर से)
व्हाट्सएप (केवल मैसेज): +966-536216082
जेद्दा में भारतीय वाणिज्य दूतावास:
टेलीफोन: +966-12-2614093, +966-556122301
व्हाट्सएप (केवल मैसेज): +966-536209704
